श्रीहरि के दशावतार
सृष्टि के आरंभ हेतु भगवान विष्णु ने मछली (मत्स्य) का रूप लिया
समुद्र मथन में मंदराचल पर्वत को अपनी पीठ पर उठा लिया (कूर्म अवतार)
पृथ्वी को जल में डूबने से बचाने के लिये लिया (वराह अवतार)
अत्याचारों का अंत करने के लिये लिया ( नृसिमह अवतार)
राजा बलि के अहंकार को नष्ट करने के लिये लिया (वामन अवतार)
अहंकारियों का नाश करने के लिये लिया ( परशुराम अवतार)
आदर्श राज्य की स्थापना के लिये लिया( राम अवतार)
कंस का वध और महाभारत युद्ध में अर्जुन को ज्ञान देने के लिये लिया (कृष्ण अवतार)
शांति, अहिंसा और करुणा के मार्ग को दिखाने के लिये लिया( बुद्ध अवतार)
कलयुग के अंत में धर्म की रक्षा के लिये (कल्कि अवतार)