US, Israel Vs Iran War: डोनाल्ड ट्रंप की मुसीबते थमने का नाम नहीं ले रही है जिसके चलते अमेरिका की स्थितियां और अधिक बिगड़ती जा रही है। 16 मार्च दिन सोमवार को ईरान ने सोसाइड ड्रोन से दुबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अपना निशाना बनाया जिसके कारण हवाई यात्रायें मुश्किलों में आ गई है और इससे दुबई के टूरिस्ट सेक्टर पर भी भारी असर पड़ रहा है। ईरान के द्वारा हमले पर हमले किये जाने से अमेरिका और इजराइल की अर्थव्यवस्था ध्वस्त होती चली जा रही है। ईरान पहली बार सोमवार को हमले में सेजिल मिसाइल का हमले के लिये इस्तेमाल किया है। इसके अलावा ईरान कलस्टर बमों से भी अटैक कर रहा है। अमेरिका इस युद्ध में अकेला होता जा रहा है भीषण युद्ध के चलते अमेरिका ने नाटो देशों को चेतावनी दी है कि यदि नाटो ने अमेरिका का साथ नही दिया तो नाटो के लिये अच्छा नहीं होगा।

ट्रंप ने कहा कि नाटो के देशों को होर्मुज का रास्ता खुलवाने के लिये अमेरिका के साथ आना होगा। बता दें कि ईरान और इजराइल के युद्ध के चलते ईरान ने तेल के और गैस के जहाजों की आवाजाही को रोकने के उद्देश्य से इजराइल और अमेरिका के लिये होर्मुज का रास्ता बंद कर दिया है। जिसके कारण अमेरिका को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप ने चीन और ऑस्ट्रेलिया के अलावा अन्य देशों से होर्मुज को खुलवाने के लिये मदद माँगी लेकिन ये सभी देश मदद के लिये आगे आने को तैयार नही है।
ईरान इजराइल के युद्ध के दौरान भारत में भी गैस की किल्लत होने लगी थी लेकिन 67 से 68 घरेलू सिलेंडर भरे जाने योग्य गैस समुद्री जहाजों द्वारा शिवालिक और नंदा देवी के रास्तों से भारत लाया गया है जिससे भारत में घरेलू गैस की किल्लत से मुक्ति मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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