US, Isarel VS Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान में चल रहा युद्ध खत्म होने का नाम नही ले रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरिका का अन्य देशों से अलग थलक होने के कारण ईरान का पड़ला युद्ध में भारी होता जा रहा है। नम्बर एक पर रहने वाले अमेरिका का साथ अन्य देशों ने छोड़ना शुरु कर दिया है। रुस तो पहले से ही ईरान के साथ था लेकिन चीन, ब्रिटेन और नाटों के देश भी अमेरिका का साथ देने से कतराते नजर आ रहे है। ईरान हमले में कम खर्च में ज्यादा फायदे की रणनीति को अपनाते हुये अमेरिका के तैल्य ठिकानों एंव सैन्य अड्डो पर भारी संख्या में हमले कर रहा है।
ईरान ने अमेरिका को चकमा देने के लिये मिसाइल और ड्रोनों का रुप धारण किये सस्ते गुब्बारों का इस्तेमाल भी किया ताकि अमेरिका की कीमती और महंगी मिसाइलों को समाप्त किया जा सके अब आत्मघाती ड्रोनों से हमले की प्रक्रिया को तेज करते हुये तैल्य ठिकानों दूतावासों सहित अमेरिकी जहाजों पर निशाना बनाये हुये है। वहीं अमेरिका हमले के लिये महंगें राकेट और मिसाइलों का इस्तेमाल करके भारी आर्थिक जोखिम उठा रहा है। इसके बाद भी अमेरिका किसी भी हाल में झुकने को तैयार नही है वह ईरान का हर एक हमले का पलटवार करने से चूकता नही दिख रहा है और हर बार ईट का वार पत्थर से देने वाली रणनीति को अपनाते हुये ईरान पर प्रहार कर रहा है।

