WORLD HINDI DAY:हिन्दी मात्र भाषा नहीं यह डिजिटलीकरण के दौर में लोगों में एकता के भाव को उत्पन्न करने के साथ प्रचार प्रसार के लिये सभ्यता और संस्कृति से जुड़ी भाषा है। यह केवल भारत तक सीमित नही अपितु संपूर्ण विश्व में अपनी विशेषता के लिये पहचानी जाती है। संस्कृत से उपजी भाषा हिन्दी पाँच उपभाषाओं का समूह ग्यारह स्वर और अठारह बोलियों वाली सबसे प्रचलित भाषा है। 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन के उपलक्ष्य में विश्व हिन्दी दिवस मनाने की प्रथा शुरु की गयी। हिन्दी भाषा को संपूर्ण जनमत की भाषा बनाने के उद्देश्य से 2006 में पहली बार 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस के रुप में घोषित किया था। तब से प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी का यह दिन विश्व हिन्दी दिवस के रुप मनाया जाने लगा।

कई सुप्रसिदॄ कवियों और साहित्यकारों ने हिन्दी भाषा में ग्रंथों और पुस्तकों की रचना करके आधुनिक दौर के युवाओं के लिये हिन्दी भाषा में शिक्षा ग्रहण करने हेतु नये मार्ग प्रशस्त किये है। सैकड़ो वर्षो पूर्व से हिन्दी भाषा मानव के अस्तित्व को अपने भीतर समाहित किये हुये है। भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची और अनुच्छेद 343(1) के अन्तर्गत भारत में हिन्दी को देवनागरी लिपि और संघ की राष्ट्र एंव राजभाषा दोनों का दर्जा प्राप्त है
-समाप्त………

