New Delhi News: यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियों कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनकर भारत आये थे। इसके उपरान्त 27 जनवरी दिन मंगलवार को भारत यूरोपियन यूनियन के फ्रांस, इटली, बेल्जियम, पौलेंड समेत 27 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करके ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर अग्रसर हुआ है। यह समझौता दो अरब की जनसंख्या के लाभदायक साबित होने के साथ एक विशाल बाजार निर्मित करेगा। विश्व की चौथी और दूसरी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बाजार को एकीकरण करने में सक्षम होगा । इससे देश में रोजगार के अवसर प्राप्त होने के अलावा नौकरियों में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी साथ ही आधुनिकीकरण जैसी सत्तत प्रक्रिया को बढ़ावा और लेदर टेक्सटाइल में फायदा मिलेगा।
यूरोपीयन यूनियन के लिये व्यापारिक दृष्टि से भारत विश्वसनीय देश बनकर सामने आया है। इस बड़े समझौते से शराब और लग्जरी कारों में टैक्स में भारी छूट होगी। 99 प्रतिशत के निर्यात पर कोई भी टैक्स लागू नहीं होगा मैन्यूफैक्चिरिंग को बढ़ावा मिलेगा। यूरोपीय संघ से आयातित होने वाली कारों में 110 से टैक्स को घटाकर 10 कर दिया जायेगा। यह कार क्रेजर्स के लिये लाभदायक साबित होगा। रसायनों समेत मशीनरी और दवाओं पर लगने वाले टैरिफ समाप्त किये जायेगें। जिसके बाद भारत दुनियाँ की सबसे तेज अर्थव्यवस्थाओं में एक बनकर उभरेगा और भारत की जीडीपी कुछ ही समय में 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक होने की संभावना बढ़ जायेगी।

