
HOLI 2026. होली के पावन पर्व के शुरु होते ही जगह-जगह मंदिरों में भगवान के साथ भक्तों ने होली का त्योहार मनाया। इस दौरान मंदिरों में रथ यात्रायें निकाली गई तो कहीं-कहीं मंदिरों में फूलों और रंगों से होली खेली गई। कमला टावर द्वरकाधीश मंदिर में फूलों की होली खेली गई तो वहीं जे.के. मंदिर कमला नगर कानपुर में दिनांक 27 फरवरी से 4 मार्च तक चलने वाले कार्यक्रमों में आज दिनांक 28 फरवरी दिन शनिवार को रंगोत्सव कार्यक्रम के अंर्तगत भगवान के भजनों एंव कथाओं पर आधारित कथक एंव नृत्य प्रस्तुति की गई। कलाकुंज के कलाकारों द्वारा ‘ भोले भण्डारी बनकर ब्रज की नारी, गोकुल में आ गये’ कथा पर आधारित सुन्दर झांकी प्रस्तुत की गई।

इस झांकी में भोलेनाथ होली खेलने की इच्छा माता अन्नपूर्णा को प्रकट करते है तो माता अन्नपूर्णा उन्हें साड़ी, चुनरी पहनाकर गोपी की तरह तैयार करती है और अपनी सखी बनाकर श्रीकृष्ण और गोपियों के साथ होली खेलने के लिये ले जाती है। कार्यक्रम में कलाकुंज के सुन्दर पोशाकों में सजे सवरें कलाकारों ने श्रीराधा कृष्ण के ‘बरसाने की छोरी, राधा गोरी गोरी’ और ‘जहाँ-जहाँ राधे, वहाँ जायेगें मुरारी’ जैसे सुन्दर होली के भजनों एंव गानों पर नृत्यों को प्रस्तुत किया जिसको देखकर मंदिर आये श्रीराधा कृष्ण की भक्ति में रम कर भक्तगण भावविभोर हो गये।
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