Chhatrapati Shivaji Jayanti: मराठा सम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म शिवनेश्वरी दुर्ग में आज ही के दिन 19 फरवरी 1630 को हुआ था। शिवाजी महाराज महान् योद्धा होने के साथ एक सुलझे हुये रणनीतिकार और मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे। इन्होंने मुगलों को खुलेआम चुनौती देते हुये हिदंवी स्वाराज्य की स्थापना की। और गुरिल्ला युद्धो के द्वारा औरंगजेब का सियासी गलियारा तहस नहस किया। छत्रपति शिवाजी ने अपने शासनकाल में सैकड़ों युद्ध एंव कई किलेबंदी से जुड़े अभियान चलाकर युद्धों और रणनीतियों में जीत हासिल की। जिसमें 1646 में तोरण के युद्ध में शिवाजी महाराज ने पहली महत्वपूर्ण जीत हासिल कर मराठा सम्राज्य की स्थापना के उपरांत 1659 प्रतापगढ़ के युद्ध में अफसल खान का वध किया और बीजापुर की सल्तनत हासिल की। इसी वर्ष कोल्हापुर युद्ध में आदिलशाही सेना के खिलाफ मराठों को विजयी बनाया। 1661 में उबरखिंड के युद्ध में मुगल जनरल करतलब खान को हाराने के बाद 1664 से 1670 के बीच मुगलों के खिलाफ दो बार सूरत पर हमले किये। 1665 में पुरंदर की संधि प्राप्त करने के बाद 1670 में तानाजी के नेतृत्व में सिंहगढ़ किले पर विजयी होकर 1660 में पवनखिंड की लड़ाई लड़ी।

यदि छत्रपति शिवाजी महाराज के वैवाहिक जीवन की बात की जाय तो उन्होंने अपने जीवनकाल में राजनीतिक और रणनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिये आठ विवाह किये जिनसे उनकी 6 बेंटियां और शम्भाजी और राजाराम दो पुत्र हुये थे। और 30 अप्रैल 1980 में लम्बी बीमारी के चलते उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन कुछ ऐतिहासिक साक्ष्यों से यह भी जानकारी मिलती है कि छत्रपति शिवाजी की मृत्यु षणयंत्र द्वारा विष दिये जाने के कारण हुई थी। जिसके बाद उनके जयेष्ठ पुत्र शम्भाजी ने राजगद्दी सभांली।

