CM YOGI: विकास की प्रत्येक प्रक्रिया में वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवागमन तथा आवासीय निरंतरता को प्राथमिकता देना चाहिये। यह वक्तव्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्य नाथ ने दिनांक 9 फरवरी दिन सोमवार को लखनऊ में आयोजित राज्य वन्यजीव परिषद की 20 वीं बैठक में दिया। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सभी विकास एंव निर्माण कार्य वैज्ञानिक मानकों के साथ न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव और विधिक प्रक्रियाओं के पूर्ण अनुपालन के साथ ही किये जायेगें। और निर्देश दिये कि वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े सभी विकास प्रस्ताव संवेदनशीलता एंव दूरदर्शिता के साथ तैयार किये जाये।
इसके साथ ही पर्यावरणीय जोखिम, जैव विविधता पर संभावित प्रभाव, वन्यजीव मूवमेंट, वैकल्पिक मार्गो और आधुनिक तकनीकी समाधानों का विस्तृत एंव वैज्ञानिक विश्लेषण को अनिवार्य रुप से प्रस्तुत करें। ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलित एंव टिकाऊ दृष्टिकोण विकसित हो सके। माननीय मुख्यमंत्री ने वृक्ष कटाई से संबंधित प्रस्तावों पर विशेषज्ञों की राय लेते हुये निर्देश दिये कि किसी भी परियोजना में वृक्ष काटने की अनुमति न दी जाये। बात को स्पष्टता के साथ प्रस्तुत करते हुये कहा कि वृक्षों की कटाई केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में की जाय और विकास की आड़ में पर्यावरण को किसी भी तरीके से क्षति न पहुँचाई जाय। जिन स्थानों पर विकल्प उपलब्ध हो वहाँ पर ट्रेंचलेस टेक्नोलॉजी, एलिवेटेड स्ट्रक्चर तथा इको-फ्रेंडली तकनीकों को प्राथमिकता के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिये।

