Film Review: (लालो) ‘श्रीकृष्ण सदा सहायते” जिसका अर्थ है “श्रीकृष्ण सदा सहायक है” लालो एक गुजराती फिल्म है लेकिन अब यह 9 जनवरी से सिनेमाघरों में हिन्दी में भी दर्शकों के लिये शुरु हो चुकी है। फिल्म लालो आध्यात्मिक ड्रामा और भवनात्मक गहराईयों से परिपूर्ण फिल्म है
फिल्म की कहानीः इस फिल्म में लालो का किरदार (करन जोशी) ने निभाया है जो कि एक ऑटो रिक्शा चालक की भूमिका में है। लालो के परिवार में उसकी पत्नी तुलसी (रीवा रच) और एक बेटी है। लालो अपने माता, पिता के खिलाफ जाकर तुलसी से शादी करके जूनागढ़ में रह रहा होता है। एक दिन उसकी बेटी का एक्सीडेंट हो जाता है और उसके इलाज के लिये लालो को पाँच लाख रुपये उधार लेने पड़ जाते है। जिसके बाद लालो को शराब पीने की लत लग जाती है। जब वह एक दिन अपनी पत्नी से झगड़ा कर घर से निकल जाता है तब उसे रास्ते में किसी फार्महाउस में समान पहुँचाने के लिये जा रही सवारी (श्रुहद गोस्वामी) मिलते है। लालो को पता चलता है कि सवारी के पास कीमती समान है। लालो भी लालच के कारण सवारी के पीछे चल देता है लेकिन वह उस फार्महाउस में कैद हो जाता है। जब वह घर नही पहुँचता तब उसके पत्नी और बेटी चिंतित हो उठते है। वहाँ फार्महाउस में लालो कई दिनों तक भूखे प्यासे रहने के कारण मरणासन्न की स्थिति में पहुँच जाता है। लालो को एक दिन जूनागढ़ घूमने वाला लालो नजर आता है। जिसके बाद श्रीकृष्ण स्वंय उसका मार्गदर्शन करते है।
Film-Lalo-‘Shrikrishna-Sada-Sahayate
– फिल्म के डायरेक्टर अंकित सखिया ने कहानी को बेहद खूबसूरत तरीके से प्रस्तुत किया है। कहानी शुरुआत में धीमी गति से रन करती है। लेकिन बाद में रफ्तार पकड़ लेती है। कहानी का अंत खुशनुमा होता है। फिल्म के कलाकारों ने आकर्षक कार्य किया है । फिल्म का म्यूजिक और सिनेमेटोग्राफी भी काफी अच्छी है। फिल्म के डॉयलाग थोड़े कम लुभावने है, बाकी पूरी फिल्म आध्यात्मिक भाव से परिपूर्ण है।
फिल्म क्यों देखेः फिल्म में श्रीकृष्ण के प्रति मन में आस्था एंव स्वयं पर विश्वास को भाव की गहराईयों के साथ प्रस्तुत किया गया है। इस फिल्म को देखकर लोग श्रीकृष्ण के प्रति भवनात्मक रुप से जुड़ाव को महसूस कर सकते है।
पिछले 15 वर्षो से मैं पत्रकारिता सम्बंधित क्षेत्रों से जुड़ी हूँ। समाचार लेखन, विज्ञापन स्क्रिप्ट लेखन, वेबसाइट पर आध्यात्मिक लेख लिखने के साथ पत्रकारिता के शिक्षक के रुप में कार्य किया है। मैने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से एम.जे.एम.सी, एम.एस.सी, बी.एड, एल.एल.बी, (रेगुलर) और अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र एवं हिन्दी विषय में परस्नातक की (व्यक्तिगत) परीक्षा पास कर डिग्री धारित की है। मैं अपनी वेबसाइट (Anantpratigya खबर) में पाठक वर्ग को सत्य और स्पष्ट जानकारी से सबंधित खबरें देने हेतु प्रयासरत् रहूँगीं।