SHAHEED DIVAS: देश की स्वतंत्रता के लिये देश की शहादत में अनगिनत लोग शहिद हुये थे इसमें रानी लक्ष्मीबाई, मंगल पाण्डेय, ऊधम सिंह, खुदीराम बोस, चद्रंशेखर आजाद, अशफाकउल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल, वीर सवरकर जैसे वीरों ने देश की आजादी के लिये अपने प्राणों की बलि चढ़ा दी। इनमें देशभक्त भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की पुण्यतिथि के अवसर 23 मार्च को शहीद दिवस के रुप में मनाया जाता है। जबकि आज 30 जनवरी दिन शुक्रवार को सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को स्वतंत्रता दिलवाने वाले राष्ट्रपिता महात्मागाँधी की 78 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर संपूर्ण देश शहीद दिवस मना रहा है।

गाँधी जी सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले सच्चे देशभक्त और वकील होने के साथ एक पत्रकार भी थे जिन्होंने अपनी पत्रकारिता से आजादी के दौरान समस्त देशवासियों के भीतर स्वतंत्रता की अलख जलायी और पूरे देश को आजादी की राह दिखाय़ी। गांधी जी ने इंडियन ओपेनियन, यंग इंडिया, नवजीवन और हरिजन आदि अपनी पत्रिकाओं में विज्ञापन प्रकाशित किये बिना निडरता के साथ स्वेदेशी अवधारणा, समाजिकता और स्वतंत्रता आन्दोलन से संबंधित अपने विचारों को जनता तक पहुँचाया और समस्त देशवासियों को सत्य अहिंसा का पाठ पढ़ाया। उनके लिये अखबार विज्ञापनों का जरिया नहीं बल्कि आमजनता से संवाद का माध्यम था।
वह पत्रकारिता को सेवा के उद्देश्य और बिना डरे सत्य लिखने की क्षमता से मापते थे। उनका मानना था कि सच्चा पत्रकार वही है जो सच्चाई को देश की जनता के सामने लाने में सक्षमता से परिपूर्ण हो। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से जनता में देशभक्ति की भावना जाग्रत कर देश की सच्चाई से रुबरु कराना चाहते थे। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय की समस्याओं पर अधारित पत्रिका इंडियन ओपिनियन को महात्मागांधी ने 1903 में प्रकाशित किया था।

जबकि 1919 में प्रकाशित अंग्रेजी सप्ताहिक यंग इंडिया में स्वतंत्रता, सत्याग्रह और स्वशासन से संबंधित गांधी जी के विचार प्रकाशित होते थे। भारतीय संस्कृति और रचनात्मक कार्यो से संबंधित गांधी जी के लेखों को अपने भीतर समेटे पत्रिका नवजीवन पहले गुजराती भाषा में प्रकाशित होना शुरु हुई और फिर बाद में हिन्दी में भी प्रकाशित होने लगी थी। 1933 में राष्ट्रपिता ने दलितों और वंचितों के लिये हरिजन पत्रिका का प्रकाशन किया इन्होंने इसमें हरिजनों की शिक्षा, अस्पृश्यता, स्वच्छता से संबंधित लेखों को प्रकाशित कर वंचित वर्गो का उत्थान किया ।

