Hanuman Ji: हिन्दु धर्म में भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी सूर्यदेव के शिष्य थे उन्होंने सूर्यदेव से नौ विधाओं की शिक्षा ग्रहण की थी मान्यता है कि जब वह सूर्यदेव पाँच विधाओं को सीख चुके तब शेष चार विधायें सीखने के लिये विवाहित होने की आवश्यकता थी जिसके कारण उन्होंने सूर्यदेव की पुत्री सुवर्चला से विवाह किया और सूर्यदेव से चार विधायें और सीख ली थी।

हनुमान जी का मासूमियत और शक्तियों से पूर्ण बाला जी रुप के दर्शन मात्र से ही भक्तों के संकट दूर हो जाते है। इनकी पूजा करने से भय, रोग, दोष एवं कष्टों से मुक्ति मिलती है निश्छल मन से हनुमान जी की भक्ति करने से सरलता, साहस आत्मविश्वास की भावना जाग्रत होने के साथ नकरात्मक शक्तियों का नाश होता है।
जब बचपन में बाला जी ने भगवान सूर्य को फल समझ अपने मुंह में रख लिया था जब पूरी सृष्टि अंधकारमय हो गयी थी जिसके बाद समस्त देवताओं के आग्रह किये जाने के बाद बाला जी ने सूर्य भगवान को अपने मुख से बाहर निकाला था। यह बाल क्रिया हनुमान जी की असीम शक्तियों को प्रदर्शित करती है।
…समाप्त…..
