Maker Sankranti: दिनांक 15 जनवरी दिन गुरुवार को संपूर्ण देश में खिचड़ी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जगह-जगह भण्डारे एंव खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। कानपुर शहर के श्रीराधा कृष्णजी के मंदिर जे.के. टेम्पल में आये भक्तगणों और शहरवासियों को अन्नतपरा अन्नदान कार्यक्रम के अतंर्गत खिचड़ी भोज कराया गया। वहीं गंगा किनारे बसे भोलेनाथ के मंदिर परमट में पावन पर्व पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। खिचड़ी का यह त्योहार सूर्यदेव के उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश करने की तिथि को मनाया जाने वाला हिन्दु धर्म का सबसे पावन त्योहार माना जाता है। इस दिन लाखों करोड़ो की संख्या में श्रद्धालु गंगा में स्नान करके सूर्यदेव को अर्घ्य देकर दिन की शुरुआत करते है।

देश में सांस्कृतिक विविधता के अनुरुप मनाये जाते है, खिचड़ी के त्योहारः
भारत देश में विभिन्न स्थानों पर उनकी सांस्कृतिक विविधता के अनुरुप खिचड़ी के त्योहार को अलग- अलग नामों से पहचाना जाता है। उत्तर प्रदेश में इसे मकर संक्रांति के नाम से जानते है यहाँ पर उड़द की दाल के साथ नये चावल का इस्तेमाल करके खिचड़ी बनाई जाती है जिसका दही बड़े के साथ भगवान को भोग लगाकर प्रसाद रुप में ग्रहण किया जाता है। तमिलनाडू में खिचड़ी के त्योहार पोगंल में मूंग की दाल में जीरा, कालीमिर्च का तड़का लगाकर खिचड़ी बनाई जाती है। जबकि पश्चिम बंगाल में पौष संक्रांति में भाजा मुंगेर दाल की खिचड़ी बनाने का प्रचलन है। इसमें मटर आलू का भी प्रयोग किया जाता है एंव गुड़ की मिठाईयों के साथ परोसा जाता है।

पंजाब और हिमाचल प्रदेश में खिचड़ी को बनाने के लिये अधिक मात्रा में घी का इस्तेमाल करते है और यहाँ इसे लोहड़ी नाम से जानते है। यू.पी. बिहार की खिचड़ी, गुजरात में उत्तरायण और असम में माघी बिहू त्योहार में स्वादिष्ट खिचड़ी मूंग की दाल में मौसमी सब्जी डाल कर तैयार करते है। कर्नाटक के पर्व सुग्गी में खिचड़ी मूंग की दाल में मूंगफली और सूखे नारियल से बनाते है। सधारणतया खिचड़ी को सात प्रकार से बनाया जाता है। इसमें सब्जी मूंग की दाल चावल मिलाकर बनाई गई बंगाली खिचड़ी, राजस्थान की बाजरा खिचड़ी आदि शामिल है। इसके अलावा चावल, मूंग की दाल, चने की दाल, अरहर की दाल समेत सात आनाजों को मिलाकर भी फाइबर और प्रोटीन से भरपूर स्वादिष्ट खिचड़ी को हमारे भारत देश में राष्ट्रीय भोजन के रुप में गुड़ की मिठाई और रायते के साथ परोसा जाता है।
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