Sahitya Akademi Puraskar 2025: साहित्य लेखन की दुनियाँ में अपनी पहचान को फर्श से अर्श तक पहुँचाने वाली ममता कालिया को उनकी कृति ‘जीते जी इलाहाबाद’ संस्मरण के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 से नवाजा जायेगा। उनकी पुस्तक जीते जी इलाहाबाद संस्मरण में उन्होंने इलाहाबाद गलियारों की आत्मिक कथा की व्यथा को व्यक्त किया है। इसमें वरिष्ठ लेखिका, शिक्षिका और कवयित्री ममता कालिया ने अपनी यादों में इलाहाबाद को समेट कर जीवंतता को प्रदर्शित करते हुये बहुत ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया है।

भारतीय साहित्य की संस्था साहित्य अकादमी द्वारा 2025 में दिये जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा कर दी गयी है। 31 मार्च 2026 दिन मंगलवार को दिल्ली में साहित्य अकादमी पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जायेगा। 24 भाषाओं में दिया जाने वाला साहित्य अकादमी पुरस्कार में अग्रेंजी उपन्यास(Crimson Spring) के लिये नवतेज सरना, पंजाबी भाषा के जिंदर को कहानी सेफ्टी किट, राजस्थानी कहानी भड़खामा के लिये जितेन्द्र कुमार सोनी, को साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जायेगा। इसके अलावा बंगाली भाषा की श्रेष्ठ कबिता के लिये प्रसून बंद्धोपाध्याय और मलयालम उपन्यास मायामानेश्वर के लिये एन. प्रभाकरण को एंव बोडो भाषा के उपन्यास दोंनै लामा मोनसे गाथोन के लिये सहायसुलि ब्रह्मा को पुरस्कृत किया जायेगा।
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