
वर्तमान समय प्रोफेशनल कोर्स और स्किल्स परक शिक्षा प्रतिस्पर्धा की दौड़ में अपनी चरम सीमा को पार किये हुये है। जिसके कारण विद्यार्थियों को अपने भविष्य निर्माण के लिये कोर्सो का चयन करना बेहद मुश्किल कार्य प्रतीत होने लगा है। ऐसे में यदि प्रोफेशनल कोर्सेज की बात की जाय तो 12 वीं हो या ग्रेजुएशन दोनों ही कक्षाओं में पास होने के बाद जिस भी कोर्स में विद्यार्थियों की रुचि हो वे उस प्रोफेशनल कोर्स में एक वर्षीय, दो वर्षीय, तीन वर्षीय डिग्री प्राप्त करके अपना करियर बना कर मनचाही नौकरी प्राप्त करने में सफल हो सकते है। लेकिन समय की रफ्तार को देखते हुये स्किल्स परक शिक्षा पर ध्यान देते हुये कोर्स का चयन बेहद जरुरी है। यदि विद्यार्थियों ने प्रोफेशनल कोर्स और स्किल्स परक शिक्षा प्राप्त की है तो वह स्वंय के रोजगार और नौकरी दोनों क्षेत्रों में आसानी से सफलता प्राप्त कर सकते है। एक तरफ से देखा जाये तो उच्चतर शिक्षा प्रणाली में प्रोफेशनल कोर्सेज हो या व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में स्किल्स परक शिक्षा दोनों ही विद्यार्थियों के जीवन में अपनी गहरी पैठ जमाये हुये है। यह विद्यार्थियों पर निर्भर करता है कि वह किस क्षेत्र में अपना बेहतर देकर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते है। यदि 12 वीं और ग्रेजुएशन के बाद के प्रोफेशनल कोर्सो की बात की जाय तो ये निम्न कोर्सेज है जो विद्यार्थी वर्ग 12वीं और ग्रेजुएशन पास करने के बाद कर सकते है।

बी.बी.एः बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) तीन से चार वर्षीय स्नातक डिग्री है जो व्यवसाय, प्रबंधन, विपणन और वित्त की समझ प्रदान करने में सहायक है। यह छात्रों को कॉर्पोरेट सेक्टर उद्योगो में करियर बनाने के अलावा पोस्टग्रेजुएट कोर्स एमबीए में अध्ययन के लिए अग्रसर करती है। इस कोर्स के लिए आमतौर पर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना जरुरी है। यह कोर्स व्यावहारिक, नेतृत्व और संचार कौशल विकसित करने के लिये सक्षम है। इसके उपरान्त छात्र एचआर, बिजनेस मैनेजमेंट, फाइनेन्स, मार्केटिंग के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते है। इस कोर्स से प्रबंधन क्षेत्र की नींव मजबूत होने के साथ छात्रों में संचार कौशल, टीम बिल्ड़िंग कौशल एंव जॉब के नये अवसर मिलते है फ्रेशर्स को 20000 से 30000 की नौकरी आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

बी.सी.एः बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस कोर्स गणित और कंप्यूटर विज्ञान विषय में 10+2 की परीक्षा 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण करने के बाद यह 3 वर्षीय 6 सेमेस्टर स्नातक स्तरीय कोर्स कर सकते है। इसका पाठ्यक्रम सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर और आईटी कौशलों पर आधारित है। विद्यार्थी इस कोर्स को करने के बाद सॉफ्टवेयर, वेब विकास और डेटाबेस प्रबंधन, कम्प्यूटर नेटवर्क, वेब डेवलपमेंट, डेटा एनालिस्ट, नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर, सिस्टम एनालिस्ट में करियर बना कर बेहतर जॉब प्राप्त करके 30 से 40 हजार प्रतिमाह आसानी से कमा सकते है।

बी.कॉमः बैचलर ऑफ कॉमर्स 12वीं कक्षा में 50% अंकों के साथ पास होने के बाद विद्यार्थी वाणिज्य, वित्त, लेखांकन और व्यवसाय पर आधारित तीन वर्षीय स्नातक डिग्री प्राप्त कर सकते है इसमें कराधान, अर्थशास्त्र और व्यावसायिक कानून जैसे विषय शामिल हैं, यह विद्यार्थियों को बैंकिंग, लेखांकन और एमबीए एम.कॉम आदि क्षेत्रों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए अग्रसरित करते हैं। यह कोर्स वाणिज्य, वित्त, लेखा आदि क्षेत्रों में प्रभावी ज्ञान प्रदान करता है इसको करने के बाद छात्र-छात्रायें लेखाकार, वित्तीय विश्लेषक, कराधान, सलाहकार बनकर कई क्षेत्रों में नौकरी प्राप्त कर 20 से 25 हजार आसानी से कमा सकते है।

कम्प्यूटर शिक्षा टैक्निकल दौर में कम्प्यूटर शिक्षा का आधार बन गया है। बी.सी.सी, सी.सी.सी, “ओ” लेवल ऐसे महत्वपूर्ण कोर्सो में से है जिनसे युवा वर्ग को विभिन्न सरकारी एवं प्राइवेट क्षेत्रों में नौकरी के साथ स्वंय के व्यवसाय को स्थापित करने में मददगार साबित होते है।
पीजीडीएमः पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट AICTE मान्यता प्राप्त यह 2 वर्ष (4 सेमेस्टर) पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स है यह इंडस्ट्री ऑरिएंटेड मैनेजमेंट शिक्षा प्रदान करता है। इसके लिये स्नातक (Graduation) में 45 से 55 प्रतिशत अंकों से पास होना आवश्यक होता है। इसमें CAT (Common Admission Test) XAT (Xavier Aptitude Test), MAT (Management Aptitude Test), CMAT (Common Management Admission Test) की प्रवेश परीक्षाएं उर्तीण करके और इंटरव्यू देकर पीजीडीएम कोर्स में प्रवेश लिया जा सकता है।

इसके पाठ्यक्रम में इंडस्ट्री इंटर्नशिप केस स्टडी, वर्कशॉप और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसमें करियर विकल्प के तौर पर मैनेजर, मार्केटिंग एनालिस्ट, एचआर मैनेजर, फाइनेंस कंसल्टेंट, बिजनेस एनालिस्ट इंटरनेशनल बिजनेस आदि क्षेत्रों में अच्छा स्कोप है। इस कोर्स की फीस की बात की जाय तो सरकारी और निजि संस्थानों में लगभग दो से तीन लाख शुरु होकर बारह से पंद्रह लाख के बीच हो सकती है। पीजीडीएम के कोर्स को कम्प्लीट करने के उपरान्त फ्रेशर्स को 7 से 10 लाख का पैकेज प्रतिवर्ष के हिसाब से आराम से मिल सकता है। लेकिन इसके अलावा कॉलेज की रैंकिंग भी बहुत मायने रखती है। यदि शीर्षस्थ कॉलेज से कोर्स किया है तो अच्छे पैकेज मिलने के ज्यादा चांस रहते है।
फाइनेंस में पीजीडीएमः एक और दो वर्षीय फाइनेंस पीजीडीएम कोर्स में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरान्त किया जा सकता है। इसमें विद्यार्थियों को वित्तीय क्षेत्र में प्रबंधन से संबंधित भूमिका के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते है। इसके पाठ्यक्रम में वित्तीय विश्लेषण, जोखिम प्रबंधन, कॉर्पोरेट वित्त निवेश रणनीतियाँ को सम्मलित किया गया है। यह बैंकिंग निवेश , कॉर्पोरेट वित्त, और धन प्रबंधन में करियर के लिए आदर्श है, जिसमें वित्तीय विश्लेषक, जोखिम प्रबंधक या कॉर्पोरेट बैंकर जैसी भूमिकाएँ उपलब्ध हैं, और तकनीकी वित्तीय ज्ञान के साथ व्यापक मैनेजमेंट स्किल्स प्रदान करता है। इसमें वित्तीय विश्लेषण और जोखिम प्रबंधन और जोखिम न्यूनीकरण निवेश और पोर्टफोलियो प्रबंधन, कॉर्पोरेट वित्त और रणनीति, नेतृत्व, संचार और परियोजना प्रबंधन आदि पाठ्यक्रम को सम्मलित किया गया है। इसको करने के बाद विद्यार्थी करियर के अवसरों के तौर पर बैंक, निवेश फर्म, परामर्श एजेंसियां, कॉर्पोरेट वित्त विभाग, फिनटेक कंपनियां और वित्तीय संस्थानों में वित्तीय विश्लेषक, बैंकर, पोर्टफोलियो प्रबंधक, जोखिम विश्लेषक, क्रेडिट विश्लेषक, कॉर्पोरेट वित्त कार्यकारी, धन प्रबंधक, फिनटेक विशेषज्ञ, कोषागार अधिकारी के पदों को धारित करके 8 से 10 लाख का पैकेज वार्षिक प्राप्त कर सकते है।
एमबीएः दो वर्षीय (मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) कोर्स के लिये मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन में 50% अंक और एसी-एसटी के लिए 45% अंकों से पास होना जरुरी है। इसके बाद राष्ट्रीय राज्य स्तर की प्रवेश परीक्षा CAT, MAT, CMAT, SNAP, XAT जैसी परीक्षायें उत्तीर्ण करके एमबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त कर सकते है। इसमें इंटरनेशनल बिजनेस ऑपरेशंस, मार्केटिंग मैनेजमेंट, फाइनेंशियल अकाउंटिंग, ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर, बिजनेस इकोनॉमिक्स, कम्यूनिकेशन स्किल्स, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट आदि विषयों को प्रमुखता से पढ़ाया जाता है। इस कोर्स की फीस शीर्षस्थ कॉलेजों में 10 से 30 -35 लाख तक हो सकती है एमबीए कोर्स को करने के बाद विद्यार्थी वर्ग व्यावसायिक कौशल और नेतृत्व क्षमता को विकसित करके फाइनेंस मैनेजमेंट, मार्केटिंग, फाइनेंस और एचआर मैनेजर, मैनेजमेंट ट्रेनी, बिजनेस एनालिस्ट, वित्तीय सलाहकार ब्रांड प्रबंधन, डिजिटल मार्केटिंग, और बिक्री बैंकिंग, निवेश विश्लेषण, और कॉर्पोरेट फाइनेंस, कर्मचारी प्रबंधन, प्रशिक्षण, उत्पादन प्रबंधन आदि क्षेत्रों में करियर बना सकते है। एमबीए कोर्स को करने के बाद फ्रेशर के लिए जॉब की बात की जाय तो शुरुआती वेतन के तौर पर 40,000 से 50,000 प्रति माह तक 6 से 7 लाख सालाना वेतन आराम से मिल सकता है।

पीजीपीएमः पीजीपीएम एक वर्षीय पाठ्यक्रम पर आधारित कोर्स है इस कोर्स के जरिये विद्यार्थियों को बदलते वैश्विक व्यावसायिक परिवेश में उत्पन्न होने वाली जटिल व्यावसायिक आवश्यकताओं का सामना करने में सक्षम बनाने और व्यवसाय के लिए तैयार किया जाता है। इस पाठ्यक्रम में वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं पर आधारित लाइव उद्योग परियोजना पाठ्यक्रम का प्रमुख हिस्सा है। इसके अतिरिक्त विपणन प्रबंधन, वित्तीय लेखांकन, संगठनात्मक व्यवहार, मौखिक संचार, निर्णय लेने में गणितिय विधियाँ, माइक्रो इकॉनामिक्स, कर्म योग, प्रभावपूर्ण संवाद, प्रबंधकीय लेखांकन, वृहद इकॉनामिक्स, मात्रात्मक विधियाँ, लिखित संचार, व्यावसायिक विश्लेषण, नेतृत्व, प्रौद्योगिकी उत्पाद मैनेजमेंट, रणनीतियाँ, बातचीत और सौदेबाजी, गेम थ्योरी, व्यवहार में व्यावसायिक नैतिकता, बिक्री एवं वितरण प्रबंधन, डिजिटल मार्केटिंग, उपभोक्ता व्यवहार, मार्केटिंग एवं रिटेल एनालिटिक्स, टेक्नोलॉजी बिक्री, ब्रांड मैनेजमेंट आदि पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रमुखता से रखा गया है।

पीजीडीसीएः कंप्यूटर अनुप्रयोगों में स्नातकोत्तर डिप्लोमा एक वर्षीय दो सेमेस्टर का कम्प्यूटर कोर्स है, इस कोर्स के द्वारा विद्यार्थी वर्ग कंप्यूटर विज्ञान और आईटी का व्यापक सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकते है। इसमें कला, वाणिज्य, विज्ञान किसी भी क्षेत्र में स्नातक की डिग्री 50 प्रतिशत अंकों से पास करने के बाद यह कोर्स कर सकते है, योग्यता के आधार पर इस कोर्स में प्रवेश लिया जा सकता है लेकिन शीर्ष संस्थान एनआईएमसीईटी, एमएएच एमसीए सीईटी जेईई जैसी प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर विद्यार्थी प्रवेश प्राप्त कर सकते है। इस कोर्स की फीस 80,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक हो सकती है। जबकि मुक्त वि0वि0 द्वारा कोर्स करने पर फीस कम लग सकती है। इसके पाठ्यक्रमों में ऑपरेटिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम, वेब प्रोग्रामिंग, डेटा स्ट्रक्चर और प्रोग्रामिंग भाषाएँ सी++, जावा, पायथन आदि को शामिल किया गया है। यदि करियर की बात की जाय तो आईटी सॉफ्टवेयर विकास, डेटाबेस प्रबंधन एंव सॉफ्टवेयर डेवलपर, प्रोग्रामर: सॉफ्टवेयर डिजाइन वेब डेवलपर, वेबसाइट बनाना, डेटा सुरक्षा और प्रदर्शन का प्रबंधन प्रोग्रामिंग में 4 से 8 लाख तक की जॉब आसानी से प्राप्त कर सकते है। कानपुर शहर के कैनाल रोड स्थित महाविद्यालय JDGPGC के सचिव श्री आशीष सिंह चौहान जी के अनुसार विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य बनाने के लिये कोर्सो का चयन करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिये। और अपनी रुचि के अनुसार कोर्सो का चयन करना चाहिये अन्यथा करियर में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
