Mauni Amavasya: पंचाग के अनुसार मौनी अमावस्या दिनांक 17 जनवरी दिन शनिवार रात्री 12 बजकर 3 मिनट से प्रारंभ होकर दिनांक 19 जनवरी दिन सोमवार रात्री 1 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन यदि श्रद्धालुगण मोक्ष प्राप्ति के लिये मौन रहकर जगत के पालनहार भगवान विष्णु एंव सूर्यदेव के मंत्रो का जप करते हुये गंगा में डूबकी लगाकर विधि विधान से पूजा अर्चना करते है।
Maagh Mela (Pryagraj)
यदि गंगा में डूबकी लगाना संभव न हो सके तो घर में ही स्नान करने वाले पानी में गंगा जल की 2 बूंदे डाल कर स्नान करें इससे शरीर में सकरात्मक ऊर्जा का प्रवाह होने के साथ शांति भी मिलती है। ऐसा भी माना जाता है कि मौनी अमावस्या में गंगा जल से स्नान के बाद पितरों का तर्पण करने से उनका आशीर्वाद व्यक्ति के जीवन में बना रहता है। इस दिन अन्न, वस्त्र, गुड़ एंव कबंल इत्यादि का दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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