Blue Color: प्रत्येक रंग का अपना अलग ही अस्तित्व होता है वह दूसरे रंगों के साथ मिलकर और उसमें ढल कर एक नया रंग बनाने की क्षमता रखता है। रंगों को परख कर उसको अपने जीवन में शामिल करने का श्रेय केवल मनुष्यों को ही प्राप्त है। इसके अलावा संपूर्ण प्रकृति की सुन्दरता और वातावरण रंगों पर निर्भर करती है। किसी व्यक्ति द्वारा पसंद किये जाने वाले रंगों से उसके विचारों और व्यवहार का आकलंन आसानी से किया जा सकता है।

इन रंगों में समुद्र और आसमान में समा जाने वाले नीले रंग की बात ही निराली है। जिसका कोई आरंभ और अंत नही है। जगत विधाता मोरपंख धारित श्रीकृष्ण, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हो या सृष्टि संहारक नीलकंठ रुप भगवान शिव सभी ने नीले रंग को अपने रुप में धारण किया है। आँखों को सुकून और ठण्डक देने वाले गहरे नीले रंग को सफेद के साथ मिलाया जाये तो यह आसमानी रंग में बदल जाता है।

यदि इसमें येलो रंग को मिला देते है तो यह मोरपंखी रंग का रुप धर लेता है, इसे लाल में समाहित किया जाय तो इन्द्रधनुषी बैंगनी रंग बन जाता है। हरे रंग में घोलने पर टीले का और काले में मिलाने पर किसी रंग का असर न होने वाले रंग गहरे नीले रंग में बदल जाता है। इस तरह नीला रंग अलग रंग के साथ मिलकर नये रुप में परिवर्तित होकर एक नया रंग बना लेता है।
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार आध्यात्मिक दृष्टि से नीले रंग को भाग्योदय का कारक माना जाता है। भाग्य के देवता कहे जाने वाले शनिदेव को आकाश और समुद्र की शान्त गहराई को प्रदर्शित करने वाला नीला रंग बेहद प्रिय है। इसलिये शनिवार के दिन नीले वस्त्रों को धारण करना शुभता का प्रतीक भी माना जाता है।
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