Internet : इटंरनेट के दौर ने मानव जीवन को पूरी तरह से परिवर्तित कर दिया आज के समय का प्रत्येक व्यक्ति इस तरह से इंटरनेट से जुड़ चुका है कि एक दिन भी इंटरनेट के बिना उसका जीवन पूरी तरह उलट पलट हो जाता है। इस तरह देखा जाय तो बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्ग सभी के लिये जहाँ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संजाल का जाल प्रगति का झरोखा बनकर उभरा है। वहीं कहीं- कहीं पर इंटरनेट का संजाल लोगों के लिये जी का जंजाल भी बन गया है।

घर हो या ऑफिस रिश्तेदार हो या दोस्त सभी संजाल के जाल में एक दूसरे से बंधे हुये है। व्यापार, शिक्षा, समाज सभी क्षेत्रों के प्रत्येक व्यक्ति की दिनचर्या इंटरनेट से शुरु होती है और उसी पर खत्म होती नजर आती है।
ARPANET से प्रसारित हुई थी, पहली बार सूचनायें
पहली बार अमेरिका में दो कम्प्यूटरों के बीच इलैक्ट्रॉनिक संदेशों को साझा करने की प्रक्रिया आरम्भ हुई थी। अमेरिका ने इसकी शुरुआत परमाणु युद्ध की स्थिति में सूचनाओं के आदान प्रदान करने के उद्देश्य से किया था और ARPANET का इस्तेमाल करके पहली बार सूचनायें भेजी थी। भारत में इंटरनेट की शुरुआत 1995 में की गई थी। लेकिन आज के समय में भारत हो या अमेरिका संपूर्ण विश्व के लिये इंटरनेट बेहद उपयोगी साधन बन चुका है।
शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं इंटरनेट से मिली नई पहचान
शिक्षा के क्षेत्र में ई-लर्निग, ऑनलाइन कोर्स, मल्टीमीडिया, वेबीनार, और ई. बुक्स आदि जैसे संसाधनों को इंटरनेट ने उपलब्ध कराकर विद्यार्थी वर्ग को बेहतर शिक्षा देने के साथ उनके भीतर ज्ञान के प्रकाश को जाग्रत करने में अहम् भूमिका निभायी है इसके द्वारा विद्यार्थी वर्ग को कम समय कम खर्च में बेहतर शिक्षक और शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा मिलने के साथ नौकरी पाना भी आसान हो गया है।
ऑनलाइन मार्केटिंग का है, इंटरनेट बेहतर साधन
यदि व्यापार के क्षेत्र में बात की जाये तो इंटरनेट ने देश विदेश से व्यापार करने में विशेष सहयोग प्रदान किया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसी साइटों ने ऑनलाइन मार्केटिंग की सुविधा दी है।

ई कामर्स के जरिये बड़ी संख्या में ग्राहकों तक बिक्री हेतु उत्पादों की गुणवत्ता से अवगत कराकर खरीददारी के प्रोत्साहित करने में इंटरनेट संचार का सबसे बेहतर साधन माना जाता है। इंटरनेट से मार्केटिंग का दायरा विकसित होने के साथ डेटा विश्लेषण की प्रक्रिया भी आसान हो गई है।
युवा वर्ग अपनी संस्कृति सभ्यता के रहते है, जुड़े
समय की बचत के साथ इंटरनेट समाजिक दायरों को भी मजबूत बनाता है। आज के समय में एक बड़ी तादाद में समाजिक दायरा इंटरनेट से विकसित हो जाते है। उच्च शिक्षा की प्राप्ति के लिये विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी इंटरनेट के जरिये अपनी संस्कृति और सभ्यता से जुड़े रहते है। वीडियो कॉलिंग कांन्फ्रेस के जरिये अपने देश में बातचीत हो जाने एंव वर्षो तक मुलाकात न होने पर भी लोगों को अपनी संस्कृति और सभ्यता से दूर रहने का एहसास नहीं होता है। इस तरह इंटरनेट ने पूरे विश्व को एक साथ जोड़ कर लोगों के जीवन को बेहद आसान बना दिया है।
..समाप्त……..

