मोबाइल फोन जितना अधिक उपयोगी होता जा रहा है उतना ही आज की पीढियों के लिये घातक सिद्ध हो रहा है। जहाँ एक ओर बच्चे दिन भर मोबाइल में जुटे रहने के कारण पढ़ाई में मन नही लगा रहे है इसके अलावा मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियोफ्रिक्वेंसी विकिरण नॉन आयोनाइजिंग हानिकारक किरणें शरीर की कोशिकाओं को हानि पहुँचाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार लम्बे समय तक मोबाइल के संपर्क में रहने से नींद, मस्तिष्क, कैंसर और आँखों से देखने की क्षमता में कमी के साथ कानों से सुनने की क्षमता पर भी भारी असर पड़ता है। यह रेडिएशन मानसिक स्थिति प्रभावित करने के साथ डी.एन.ए पर भी असर डालते है। बीते शनिवार को अमरोहा में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे 10 वर्षीय बच्चे मंयक की अचानक मौत हो गई। चिकित्सक इसे हार्ट अटैक या ब्रेन इंजरी बता रहे है।

