Lucknow News: लखनऊ में बेटे द्वारा पिता को गोली मारकर की गई हत्या ने पिता पुत्र के रिश्तों की बुनियादों को हिला कर शर्मशार कर दिया है। पिता का सपना था कि बेटा डॉक्टर बने लेकिन बेटा बिजनेसमैन बनने की जिद्द पर अड़ा था। इसी जिद्द में आकर बेटा पिता का कातिल बन गया है।
माता पिता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा इसलिये देने का दबाव बनाते है ताकि उनकों आत्मनिर्भर बनाकर अच्छा जीवन दे सके और अपनी आयु पूरी करने के उपरान्त निश्चिंत होकर इस दुनियाँ से विदाई ले सके। जिसके बाद उनका पुत्र विधिविधान से उनकी अन्तिम यात्रा में भागीदार बने और उनको मुक्ति दे सके।
लेकिन लखनऊ के आशियाना बंगला बाजार पैथोलॉजी और शराब करोबारी मानवेन्द्र सिंह के पुत्र ने ही अपने पिता से नीट की पढ़ाई के लिये विवाद के चलते सोते समय सिर पर गोली मार कर हत्या कर दी। इस घटना से शहर क्या पूरा मानव समाज स्तब्ध रह गया है। आखिर एक बेटा क्रूर कैसे हो गया जिस पिता ने उसे उगंली पकड़ कर चलना सिखाया उसी पिता के खून से अपने हाथ कैसे रंग डाले। आरोपी अक्षत सिंह ने अपने पिता की हत्या का जुर्म काबूल करते हुये पुलिस को बताया कि उसने पिता की हत्या के एक दिन पहले चाकू मंगवा ली थी। जिससे उसने अपने पिता को गोली मारने के बाद उनके शव खसीटकर बाथरुम में ले गया और हाथ पैर काट कर बोरी में भरकर सरदौना में नहर किनारे झांडियों में फेंक दिया था। जब पुलिस अक्षत को लेकर सरदौना पहुंची तो पुलिस ने वह बोरी बरामद कर ली जिसमें अक्षत ने अपने पिता की हत्या के बाद हाथ पैर काटकर रखे थे।

