Basant Panchami: माता लक्ष्मी का सत्व प्रधान श्वेत वर्ण रुप ब्रह्मा की पुत्री माता सरस्वती बसंत पंचमी के दिन अवतरित हुई थी। हिन्दू धर्म में विद्या की देवी माता सरस्वती की बसंत पचंमी को विधि विधान से पूजा अर्चना करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। इस लिये यह दिन विद्यार्थी वर्ग के लिये विशेष महत्व रखता है।
The goddess who changed her hundred forms became Saraswati, Shatarupah
माता सरस्वती की कृपा से विद्यार्थी विद्या ज्ञान के धनी होते है और जीवन में यश वैभव और कीर्ति की प्राप्त करते है। इस दिन पूजा में पुगीफल पान सुपारी चढ़ाने से देवी सरस्वती प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करती है। ब्रह्मा से बचने हेतु सौ रुपों वाली शतरुपा ध्वनि संगीत कलाओं एंव शब्दों में समाहित वाणी बनकर संपूर्ण जगत को ज्ञान के प्रकाश से भर देने वाली अधिष्ठात्री वाग्देवी व्यक्ति के जीवन में बुद्धि का संचार करती है।
अभिव्यक्ति का प्रतीक है, देवी भारती:
वाणी और संगीत से जीवन को मधुरता प्रदान करने वाली देवी वागेश्वरी अभिव्यक्ति का प्रतीक देवी भारती हाथों में वीणा धारण कर वीणावादिनी बनकर देवी सरस्वती के अवतरण के दिन बसंत पचंमी का त्योहार 23 जनवरी दिन शुक्रवार को संपूर्ण देश में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर कानपुर शहर के जगह-जगह स्थित मंदिरों की साज सज्जा देखने लायक थी।
JK Temple, Kamla Nagar, Kanpur.
शहर के कमला टावर स्थित द्वारकाधीश महाराज का मंदिर बसंती फूलों से सजा भक्तगणों को आकर्षित रहा था। मंदिर की सफेद पत्थरों की सुन्दर नकाशी पर बसंती फूल ऐसे प्रतीत हो रहे थे। मानों बसंत का मनमोहक मौसम मंदिर प्रागंण में अपनी छटा को बिखेर रहा हो। आत्मिक रंग का प्रतीक बसंती रंग के वस्त्रों को धारित गहनों और सिर पर मोर मुकुट सुसज्जित श्रीराधा कृष्ण जी अत्यतं मनमोहक दृश्याकिंत हो रहे थे। मंदिर आये भक्तगण उनकी भक्ति में लीन होकर भजन कीर्तन कर रहे थे।
जे.के. मंदिर में बसंत पचंमी पर निकली, भगवान की सवारीः
सायंकाल के समय का बेहद खूबसूरत नजारा बसंत पचंमी के मौके पर शहर के प्रसिद्ध जे.के. मंदिर कमला नगर में भी देखने को मिला। यहाँ गुरुकुल में वेदों की शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती पूजन एंव हवन किया गया।
JK Temple, Kamla Nagar, Kanpur.
सुनहरी शॉम के मनमोहक वातावरण में भगवान की सवारी निकाली गयी और देवी सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ दीपदान किया गया। सवारी में बसंती मौसम की ऊर्जा से भरपूर वातावरण में भगवान की भक्ति में लीन होकर भक्तगण मंदिर प्रागंण में झूमते नजर आये। सुंग्धिंत फूलों और बसंती रंगों में संपूर्ण मंदिर प्रागंण रंग गया।
पिछले 15 वर्षो से मैं पत्रकारिता सम्बंधित क्षेत्रों से जुड़ी हूँ। समाचार लेखन, विज्ञापन स्क्रिप्ट लेखन, वेबसाइट पर आध्यात्मिक लेख लिखने के साथ पत्रकारिता के शिक्षक के रुप में कार्य किया है। मैने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से एम.जे.एम.सी, एम.एस.सी, बी.एड, एल.एल.बी, (रेगुलर) और अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र एवं हिन्दी विषय में परस्नातक की (व्यक्तिगत) परीक्षा पास कर डिग्री धारित की है। मैं अपनी वेबसाइट (Anantpratigya खबर) में पाठक वर्ग को सत्य और स्पष्ट जानकारी से सबंधित खबरें देने हेतु प्रयासरत् रहूँगीं।