Masik Shivratri: प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मानायी जाने वाली मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की पूजा का अत्यंत पवित्र दिन माना जाता है। प्रत्येक माह में पड़ने वाली यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है, अप्रैल माह में मासिक शिवरात्री 15 अप्रैल दिन बुधवार को मनायी जा रही है। ज्योतिषशास्त्रों के अनुसार इस माह त्रयोदशी प्रदोष और मासिक शिवरात्री दोनों एक ही दिन पड़ने से बेहद शुभ संयोग माना जा रहा है।
चतुर्दशी तिथि को मन का कारक चन्द्रमा होता है, बेहद मद्धम
15 अप्रैल की रात्री से शुरु होकर 16 अप्रैल की सुबह 12.43 मिनट तक का महूर्त भगवान शिव और माता पार्वती की पूजन के लिये बेहद शुभ है। प्रदोष और मासिक शिवरात्री दोनों ही दिन भगवान शिव के बेहद प्रिय दिन है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती और भगवान शिव का आशीष भक्त के जीवन में सदैव बना रहता है।

माना जाता है कि चतुर्दशी की रात मन का कारक चन्द्रमा बेहद मद्धम दिखाई देता है। जो मानसिक शान्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भक्तगण उपवास रखकर विधि विधान से सृष्टि संहारक भगवान शिव का “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हुये फूल, बेलपत्र, धतुरा,जल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक करते है तो सुख समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
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