Chaitra Maha Ashtami 2026: 9 दिनों की चैत्र नवरात्री में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी और कालरात्री के पूजन के बाद आठवें दिन महागौरी को पूजा जाता है। मान्यता है कि माता सती ने जब भगवान शिव का अपमान अपने पिता द्वारा बर्दाश्त न किये जाने के कारण पिता राजा दक्ष के यज्ञ की अग्नि में अपने प्राणों की आहूति दे दी थी। जिसके बाद अपना दूसरा जन्म पर्वतराज हिमालय और मैना की पुत्री पार्वती रुप में लिया और भगवान शिव को वर रुप में प्राप्त करने के लिये वनों में घोर तपस्या की।
पौराणिक कथाओं के अनुसार पार्वती जी ने भोजन जल का त्याग कर कई वर्षो तक वनों के प्राकृतिक रुप से प्राप्त होने वाले कंद मूल का सेवन किया तपस्या से पार्वती जी का शरीर काला पड़ गया था। तब भगवान शिव माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर उनसे विवाह के लिये राजी हुये और उन्हें अपनी जटाओं से बहने वाली गंगाजल से स्नान कराया जिससे माता पार्वती का रुप रंग बेहद सुन्दर कांतिमय और शंख के समान श्वेत हो गया जिसकी वजह से उन्हें महागौरी कहा जाता है।
सुख समृद्धि की दाता महागौरी बैल पर सवार अपनी चार भुजाओं में से दाहिने निचले हाथ में शक्ति का प्रतीक त्रिशुल और ऊपरी दाहिने हाथ में भय से मुक्ति को प्रदर्शित करती अभय मुद्रा धारण किये हुये है।

जबकि ऊपरी बायें हाथ में ब्रह्मांडीय ध्वनि को प्रदर्शित करने वाला डामरु और निचले बायें हाथ में भक्तों को वर देने के लिये वरमुद्रा लिये है। पवित्रता और शांति को प्रदर्शित करते दुग्ध के समान सफेद रंग के वस्त्र और आभूषण धारण किये श्वेताम्बंरधारी होने के कारण महागौरी को ‘श्वेताम्बरधरा’ भी कहा जाता है।
महा अष्टमी के दिन महागौरी को सफेद, लाल फूल, रोली, चावल, सुहाग सामग्री, लाल चुनरी अर्पित की जाती है। इसके साथ माता जी को नारियल, खीर, नारियल की मिठाई का भोग लगाने के अलावा 2 वर्ष की कुमारी, 3 वर्ष की त्रिमूर्ति, 4 वर्ष की कल्याणी, 5 वर्ष की रोहिणी, 6 वर्ष की कालिका, 7 वर्ष की शाम्भवी, आठ वर्ष की दुर्गा, 9 वर्ष की चंडिका और 10 वर्ष की कन्या सुभद्रा को घर बुलाकर हलवा, पूरी, खिलाने एंव विधि विधान से उनकी पूजा अर्चना करने से देवी अत्यंत प्रसन्न होकर भक्तों को धैर्य, करुणा वैभव, सुख समृद्धि, वैभव का आशीर्वाद प्रदान करती है।
……..समाप्त……….
(समस्त भक्तगण इस लेख में लिखित बातों को अपने मनोभावों के अनुसार ही ग्रहण करें)

