Purushottam Maas: हिन्दू धर्म में पुरुषोत्तम माह को बेहद पवित्र माह के रुप में माना जाता है। 17 मई ज्येष्ठ माह से आरम्भ होकर 15 जून को समाप्त होने वाला यह माह जगत पालक भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इस माह में भगवान विष्णु की पूजा का भक्तों को विशेष फल प्राप्त होता है। इन दिनों श्रीहरि को 56 भोग लगा कर विधि विधान से पूजा अर्चना करते है तो वह बेहद प्रसन्न होते है और भक्तों के जीवन में आने वाले समस्त कष्टों को हर कर उनकों सुख समृद्धि और यश प्रदान करते है।

जटा से गंगा बहती, गले में नाग है, लिपटे
इस अवसर पर भगवान विष्णु के समस्त रुपों की पूजा को विशेष महत्व दिया गया है। जिसको ध्यान में रखते हुये भक्तगण भंडारा दान पुण्य आदि का आयोजन कराते है। पुरुषोत्तम के इस पावन माह में गंगा किनारे स्थित कानपुर नगर के मंदिरों में जगत पालक श्रीहरि का श्रृंगार और भक्ति से परिपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें दिनांक 23 मई दिन शनिवार को शहर के प्रसिद्ध जे.के. मंदिर में कलाकुंज ग्रुप द्वारा भगवान शिव पार्वती और श्रीराधा कृष्ण की भक्ति से परिपूर्ण नृत्य की अंजलि नृत्याजंलि पुरुषोत्तम उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके अर्न्तगत कलाकारों ने ‘जटा से गंगा है बहती, गले में नाग है, लिपटे’ जैसे मधुर भजनों पर अपनी मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति से मंदिर परिसर में मौजूद भक्तगणों को श्रीहरि की भक्ति भावना में डूबो दिया।
…समाप्त…..
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