Crime: समाज में बहु बेटियों के साथ दहेज और मानसिक प्रताड़ना जैसे अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे है। भोपाल की ट्विशा शर्मा और नोएडा की दीपिका नागर का वाकया वाकई दिल दहला देने वाला है। आखिर कैसे एक ससुराल पक्ष द्वारा किसी बहु को इतनी मानसिक प्रताड़ना दी जा सकती है कि वह आत्महत्या जैसे कदम उठाये? और दहेज के लिये उसकी हत्या कर दी जाये? कहते है आसान नही होता है, मौत को गले लगाना जब जिन्दगी मौत से बत्तर हो जाती है तब इंसान आत्महत्या जैसा भयावह कदम उठाने के लिये मजबूर हो जाता है।
क्या आज के समय का ये पढ़ा लिखा समाज दहेज की लालच में इस कदर गिर गया है कि ब्याह कर लायी गई गयी बेटी को मौत से बत्तर जिदंगी देने पर उतारु है जिसके कारण ससुराल में उनकी हत्या और आत्महत्या जैसे मामले सामने आ रहे है।
दहेज के लिये बढ़ती जा रही समाज में क्रूरता
समाज का यह क्रूर रुप बहु बेटियों के लिये बेहद भयावह है। ऐसे समाज को जरुरत नहीं होनी चाहिये अपने बेटे के लिये सुदंर और पढ़ी लिखी बहु तलाश करें और शादी जैसे पवित्र बधंन के नाम पर दहेज और मानसिक प्रताड़ना जैसे कुकर्मो को आजाम दें। प्रत्येक माता पिता अपनी बेटी को ससुराल भेजने के लिये उसकी शादी में अपनी क्षमता से अधिक करने का प्रयास करते है। ताकि उनकी बेटी को ससुराल में किसी के ताने न सुनने पड़े लेकिन समाज का यह कुरुप रुप देखकर बेटियां ससुराल जाने और शादी करने के सपनों को त्यागना बेहतर समझने लगी है।
पाँच माह की शादी में ट्विशा हो गई मानसिक प्रताड़ना की शिकार
ग्लैमर और कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़ी ट्विशा की शादी महज 5 महीने पहले वकील से हुई थी। और 12 मई मंगलवार को भोपाल में 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की ससुराल में मौत के मामले में हत्या और आत्महत्या की गुत्थी सुलझ नहीं सकी है जहाँ एक तरफ ट्विशा के पति समर्थ सिंह फरार है वही ट्विशा की सास जज गिरिबाला सिहं हत्या के आरोपों को खारिज करते हुये ट्विशा शर्मा को अपनी मनमर्जी का मालिक बताकर आत्महत्या का मामला बता रहीं है। पुलिस ट्विशा के फरार पति समर्थ सिंह की तलाश में जुटी हुई है। जबकि ट्विशा के मायके वाले दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कर रहे है। और अभी अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं है। मामला दिनोंदिन और भी पेचिदा होता जा रहा है।
दीपिका नागर केस की भी हत्या और आत्महत्या में उलझी गुत्थी
वहीं 17 मई की रात नोएडा की दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला भी बेहद संगीन है तीसरी मंजिल से गिर कर हुई दीपिका की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिलने वाली चोटों के निशानों नें भी हत्या और आत्महत्या की गुत्थी को उलझा कर रख दिया है। शरीर पर गहरी चोटों के निशानों से साफ नजर आ रहा है कि दीपिका की पहले बेरहमी से पिटाई की गई फिर उसे तीसरी मंजिल से फेक कर घटना को अंजाम दिया गया है।
मायके वालो का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज में रुपये और फॉर्च्यूनर कार की मांग कर रहे थे। सवाल ये उठता है कि आखिर कब तक हमारे इस समाज में बेटियों को दहेज के लिये मानसिक प्रताड़ना दी जायेगी और हत्या के बाद आत्महत्या और हत्या के बीच गुत्थी को उलझा कर रह जायेगी।
..समाप्त…..

