Silver Metal: अर्जेटम के नाम से भी पहचानी जाने वाली चाँदी धातु सोने और ताँबे के बाद अस्तित्व में आयी थी। चाँदी जीवाणुरोधक होने के कारण चिकित्सा उपकरणों की कोटिंग में भी भारी मात्रा में प्रयोग की जाती है। इसकी स्थिरता हवा पानी में समान रहती है लेकिन ओजोन, हाइड्रोजन सल्फाइड या सल्फर के संपर्क में आते ही यह धुधंली होने लगती है इसके धुधंलेपन को बिना किसी नुकसान के आसानी से साफ करके दूर किया जा सकता है।

चाँदी के गहनों से सकरात्मक ऊर्जा का होता है संचार
चाँदी के गहने धारण करने से सकरात्मक ऊर्जा का संचार होता है। चन्द्रमा और शुक्र के अशुभ प्रभाव से रक्षा करने को साथ स्वास्थ्य के लिये चाँदी बेहद लाभकारी है। विशेषज्ञों की माने तो पैरों में चाँदी की पायल कैल्सियम की कमी, जोड़ों के दर्द आदि से निजात दिलाने और हड्डियों को भी मजबूती प्रदान करनें में मददगार है। जबकि अगुंठे में चाँदी का छल्ला एंव छोटी उंगली में चाँदी की अगुंठी धारण करने से शुक्र और चन्द्र ग्रह मजबूत होते है जिससे जीवन में सुख समृदिॄ के वातावरण संचारित होता है।
मन को शीतल बनाती है, चाँदी
चाँदी के गहने मन को शीतलता प्रदान करने के साथ रक्त संचार को बेहतर बनाने एंव हार्मोनल संतुलन बनाये रखने में विशेष योगदान देती है। मान्यता है कि हमारे पूर्वज सर्दी जुकाम तथा शारीर के तापमान को संतुलित रखने के लिये चाँदी धारण करते थे।
प्राचीन काल में चाँदी का प्रयोग मुद्रा, आभूषणों शिल्पकृतियाँ बनाने में किया जाता था। मिश्र के निवासी सोने को नमक के साथ गर्म करके चाँदी निकालने की कला से परिचित थे लेकिन आज के समय में पृथ्वी की पपड़ी से भूमिगत और खनन तकनीकों का प्रयोग करके चाँदी का उत्पादन किया जाता है। ज्योतिषशास्त्रों के अनुसार चाँदी धातु को खरीदने का सबसे शुभ दिन अक्षय तृतीया, धनतेरस, पुष्य नक्षत्र, शुक्रवार, गुरुवार और रविवार है जबकि इसको धारण करने के लिये शुभ दिन सोमवार और शुक्रवार है।
चाँदी में हॉलमार्क की कैसे करें परख?
ज्वैलर्स विक्रेताओं के अनुसार यदि चाँदी धातु से बनी वस्तुओं में 900 लिखा है तो माना जाता है कि यह 99% प्रतिशत शुदॄ चाँदी है यदि 925 लिखा है तब इसका मतलब यह है कि 925 प्रतिशत शुदॄ चाँदी और 75 प्रतिशत अन्य धातुओं की मिलावट की है। 99% प्रतिशत शुदॄ चाँदी का प्रयोग सिक्के बनाने के लिये किया जाता है जबकि 925 प्रतिशत शुदॄ चाँदी का इस्तेमाल गहने बनाने के लिये किया जाता है।

चाँदी के गहनों में बीआईएस मार्क शुदॄता का सबसे विश्वसनीय संकेतक के रुप में माना जाता है। यह मार्क एक त्रिभुज के अंदर बिन्दु के रुप में होता है इससे उपभोक्ता हॉलमार्क के चिन्ह को आसानी से पहचान सकते है और गुणवत्ता की परख करके विभिन्न त्योहारों एंव अवसरों हेतु शुदॄ चाँदी से बनी वस्तुओं की खरीददारी कर सकते है।
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