Delhi: राजधानी दिल्ली के दक्षिणी पश्चिम इलाके में रविवार को उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक पांच मंजिला इमारत अचानक से गिर गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्य निकेतन में यह इमारत 50 वर्ष पुरानी थी जिसमें बॉयज पीजी ‘हॉस्टल डेज’ बना हुआ था। जिसके प्रत्येक कमरे में 2 से 3 छात्र रह रहे थे।
जब यह हादसा हुआ तब लगभग 40 से 50 विद्यार्थी हॉस्टल में मौजूद बताये जा रहे है। इस भयानक हादसे के कुछ ही देर बाद पूरी इमारत मलबे में बदल गई। जिसमें 6 छात्रों की दब कर मौत और मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। जिसके लिए एनडीआरएफ, दमकल विभाग और दिल्ली पुलिस की टीम द्वारा मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलया जा रहा है।

बीएनएस की धारा 105 BNS, 290 और धारा 125(a) के तहत होगी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि इस इमारत के बेसमेंट में कुछ मरम्मत का कार्य चल रहा था जिसके दौरान इमारत में कपंन हुआ और देखते-देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रात में ही घटनास्थल का दौरा किया और इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिये है।
दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में इमारत के मालिक हरिराम बंसल व अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा गैर इरादतन हत्या BNS 105, भवन के निर्माण, मरम्मत या गिराने में लापरवाही BNS 290, मानव जीवन या सुरक्षा को खतरे में डालना BNS 125(a)आदि धाराओंके तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। दिल्ली मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी किए है। पुलिस ने फरार चल रहे इमारत के मालिक हरिराम बंसल को गिरफ्त में ले लिया गया है।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर बेहद दुखद बताया है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिल्ली सीएम और एनडीआरएफ के डीजी से बात करके स्थिति का जायजा लिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सत्य निकेतन पढ़ने और परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के रहने के लिए प्रसिद्ध गढ़ है यहां ढेरों पीजी और हॉस्टल बने हुए हैं। इन इमारतों में अवैध निर्माण और पुरानी इमारतों की मरम्मत न होने के कारण इमारते हादसे की शिकार हो रही है।
ये भी पढ़ेः Teacher’s Day 2026: शिक्षक दिवस है गुरुओं के सम्मान का दिन

