Uttar Pradesh : श्रीकृष्ण को अतिप्रिय गायें समृद्धि, प्रकृति, पोषण और प्रेम की प्रतिमूर्ति है। गायों का पालन पोषण जगत विधाता श्रीकृष्ण स्वयं करते है वे गायों को जीवात्मा के रुप में मानकर उनकी सेवा किया करते थे। जिसके कारण नन्दलाल को गोपाल और उनके निवास स्थान को गोकुल कहा जाता था।
Dhenu in the Vedas
शान्त और दिव्य स्वभाव को प्रदर्शित करने एंव पुराणों के अनुसार 33 करोड़ देवी देवताओं का निवास गायों में होता है। गोकुल में गायों को श्रीकृष्ण स्वंय़ अपने हाथों से चारा खिलाते थे। इसलिये गायों की सेवा करने से सभी देवी देवता प्रसन्न होते है। गायों की वजह से व्यक्ति को विभिन्न रोगों से लड़ने के लिये गोबर और मूत्र से तैयार की जाने वाली औषधि जड़ी बूटियां जीवनदायनी के रुप में कार्य करती है। इसके अलावा गाय के दूध से बनने वाले दही, मक्खन, घी, पनीर और दूध से निर्मित मिठाईयाें और दूध की खाने पीने की अन्य वस्तुओं का भोग कर पाते है। वेदों में धेनु कही जाने वाली गायों को संपदा की जननी कहा गया है। हिंदू धर्म में गायों को पूजा यज्ञ आदि में सर्वोच्च स्थान प्रदान किया गया है।
Dhenu in the Vedas
-गोमाता को हिन्दूधर्म में विशेष महत्व को दर्शाने वाली फिल्म “गोदान” दिनांक 6 फरवरी दिन शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। इसकी कहानी भारतीय परंपरा और संस्कृति पर पूर्ण रुप से अधारित है। इसमें माइक्रोबायोलॉजिस्ट वैज्ञानिक की कहानी को दिखाया गाया है। जो कि आधुनिकता में विस्तारित अपनी जड़ों को भूलकर बछिया सुरभि के आने के बाद भारतीय परंपरा, पंचगव्य चिकित्सा और गौसेवा के महत्व को समझ पाता है।
फिल्म “गोदान” टैक्स फ्री
उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गौसेवा के महत्व को प्रदर्शित करने वाली फिल्म “गोदान “को पूरे प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया है। गायों के महत्व को प्रदर्शित करने वाली इस फिल्म में भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में गायों के स्थान और पंचगव्य की वैज्ञानिक दृष्टि को प्रदर्शित किया गया है।
पिछले 14 वर्षो से पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़ी हूँ। समाचार लेखन, विज्ञापन स्क्रिप्ट लेखन, आध्यात्मिक लेख लिखने के अलावा पत्रकारिता के शिक्षक के रुप में कार्य किया है। मैनें सीएसजेएमयू कानपुर से एम.जे.एम.सी, एम.एस.सी, बी.एड, एल.एल.बी,अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र हिन्दी विषय में परस्नातक एंव राजर्षि टण्डन मुक्त वि.वि. से पीजीडीएमएम की डिग्री प्राप्त की है। मैं अपनी वेबसाइट (Anantpratigya खबर) में पाठक वर्ग को सत्य और स्पष्ट जानकारी से सबंधित खबरें देने हेतु प्रयासरत् रहूँगीं।