World Environment Day: पृथ्वी का चारों ओर का वातावरण पंचतत्व का संगम है। अग्नि, जल, वायु, मिट्टी और आकाश और मनुष्य हो या पृथ्वी पर रहने वाला प्रत्येक जीव का शरीर भी पाँच तत्वों से मिलकर बना है और अंत में इन्हीं पंच तत्व में विलीन हो जाता है। इस लिये यदि पृथ्वी पर जीवन की उम्मीद रखना संभव है तो उसके लिये स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का होना बेहद जरुरी है।
पेड़ पौधे है, स्वस्थ प्रकृति की पहचान
दिनांक 5 जून दिन शुक्रवार को संपूर्ण विश्व में पर्यावरण दिवस के रुप में मानाया गया। पूरा ब्रह्मांड धरती आकाश चाँद, तारे, पर्वत नदियाँ सभी सजीव प्राणी पेड़ और पौधे हमारी प्रकृति की देन है जिसका समावेश संपूर्ण वातावरण में हमें देखने को मिलता है। जलमंडल, स्थलमंडल, वायुमंडल एंव जैवमंडल आदि मानव जीवन के स्वास्थ्य से गहरा संबध रखते है। इसके प्रभावित होने से प्रकृति में वास करने वाले सभी प्राणियों का जीवन भी प्रभावित होने लगता है।
हमारे चारों तरफ का पर्यावरण स्वच्छ रखना हमारा कर्तव्य है। पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में स्टॉकहोम में सयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित मानव पर्यावरण सम्मेलन के दौरान की गयी थी। जिसके उपरांत 5 जून1973 को को पहली बार विश्व पर्यावण दिवस मानाया गया।

आज के दौर में औद्योगिकीकरण बढ़ने और भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये मानव वर्ग द्वारा अपनायी जाने वाली गतिविधियों के कारण पर्यावरण की भारी क्षति देखने को मिल रही है। इसमें पेड़ पौधों का लगातार क्षरण कर उसके स्थान पर समस्त सुख सुविधाओं से सुसज्जित इमारतों का निर्माण किया जाना है। जिसकी वजह से सूर्य की किरणे सीधे पृथ्वी पर पहुँचने लगती है। और तेज धूप और गर्मी की वजह से कैंसर और त्वचा से सबंधित बीमारियों के साथ ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।
हमारे शरीर में 75 प्रतिशत है, जल
ऑक्सीजन और हाइड्रोजन से निर्मित जल व्यक्ति एवं समस्त पेड़ पौधों और प्राणियों के लिये शरीर की सभी क्रियाओं के संचालन हेतु कार्य करता है। पर्यावरण असंतुलन के कारण जल का संकट भी गहराता जा रहा है। हमारे शरीर में 75 प्रतिशत भाग जल का है। जल शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन प्रवाहित करने के साथ ही शरीर को स्वस्थ रखने के लिये वरदान होने के साथ कृषि, उद्योग एंव परिवहन के लिये भी बेहद आवश्यक है।

पेड़ पौधे छाया देने के अलावा ऑक्सीजन (O2) का स्त्रावण करते है जिसको पृथ्वी पर निवास करने वाले समस्त सजीव प्राणी ग्रहण कर जीवित रहते है। और इन सभी प्रणियों द्वारा स्त्रावित की गयी कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) पेड़ पौधे ग्रहण करने के उपरांत सूर्य की रोशनी में पौधे अपना भोजन स्वंय बनाकर जीवित रहते है। इस तरह पेड़ पौधे और पृथ्वी पर निवास करने वाले प्राणियों का आपस में गहरा संबंध है।
दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे प्रतीत होते है। पौधों के महत्व से अवगत कराने वाला यह दिन पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति को पेड़ पौधों के लिये रक्षात्मक रवइया अपनाये जाने के लिये प्रेरित करता है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने में एक पौधा “माँ के नाम” पर लगाने की पहल करते हुये प्रदेश वासियों द्वारा पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 करोड़ पौधे लगाये जाने का लक्ष्य रखा।
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