Rose: फूलों में मनमोहक खुशबू का राजा गुलाब अपने आप में बेहद खूबसूरत दिखने वाला फूल है। गुलाब की पंखुडियों से गुलाबजल, इत्र आदि तैयार किये जाते है जिससे बड़ी संख्या में औद्योगिक नितियों को बढ़ावा मिलता है। इत्र की नगरी कन्नौज में यदि देखा जाय तो सबसे अधिक मात्रा में गुलाब के फूलों से इत्र तैयार करने का कार्य सैंकड़ों वर्षो से किया जा रहा है। इसके लिये डैमास्क (देशी) गुलाबी रंग के गुलाब का इस्तेमाल किया जाता है।

गुलाब के गुलाबी रंगों के अलावा अन्य रंगों के गुलाबों को लोग शुभ अवसरों पर एक दूसरे को उपहार स्वरुप देने के लिये इस्तेमाल करते है। साथ ही इसे सजावट और पूजा के लिये भी भारी संख्या में उपयोग किया जाता है। माना जाता है कि गुलाब का हर रंग अपने खूबसूरत रंग के साथ शब्दों को भी बंया करता है।
गुलाब के रंगों में प्रेम की पराकाष्ठा को बंया करता (लाल गुलाब), शांति और मासूमियत का रंग लिये (सफेद गुलाब),स्नेह कोमलता को अपने में समाहित किये (गुलाबी गुलाब),दोस्ती के रंगों को अपने में समेटे (पीला गुलाब) नई शुरुआत को दर्शाता (काला गुलाब), उत्साह और ऊर्जा से भरपूर (नांरगी गुलाब) तो सबसे खास पहली नजर के प्यार के एहसास को जाहिर करता (बैगनी, लैवेंडर कलर का गुलाब) नई शुरुआत को दर्शाता (काला गुलाब) का प्रयोग लोग अपने मनोभावों को जाहिर करने के लिये करते है।

इसके अलावा सजावट के लिये कई हाइब्रिड और डाई के माध्यम से मिश्रित रंगों के रेनबो और काले, बैंगनी, कोरल, पीच, रंग के गुलाब भी तैयार किये जाते है। गुलाब का प्रत्येक रंग खुशी, प्रेम और भावनाओं का प्रतीक माना जाता है।
…समाप्त……..
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