Innovation : सयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2024- 2033 को सत्तत विकास के लिये विज्ञान के अंतराष्ट्रीय दशक के रुप में घोषित किया था। बढ़ती तकनीकों के दौर में 2030 बाद ज्ञान और नवाचार में प्रगति के विशेष आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये भविष्य की चुनौतियों का सामना करने हेतु समाज और विज्ञान के बीच मजबूत कड़ी होना अतिआवश्यक है। विज्ञान की समाज से कड़ी जोड़नें में यूनेस्कों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यूनेस्कों ने 2001 में शांति और विकास के लिये वैज्ञानिकों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया। जिससे उन्हें विज्ञान की प्रासंगिकता को बढ़ाने और चर्चाओं में सम्मलित होने के लिये बेहतर अवसर प्राप्त होगें।

विज्ञान के क्षेत्रों की यदि बात की जाय तो इसके क्षेत्र असीमित है। कई वैज्ञानिकों ने समय-समय पर ब्रह्मांड में हो रही घटनाओं पर अपने विचारों को प्रस्तुत करते हुये विज्ञान के नये के अविष्कारों को जन्म दिया और लोगों को अनेक भौतिक सुख साधनों समेत प्राकृतिक संसाधनों से अवगत कराया। डार्विन ने अपने सिद्धतों में ब्रह्मा द्वारा सृष्टि की रचना के बारे में बताया कि जब ब्रह्मा सृष्टि की रचना कर रहे थे तब अंत में उन्होंने घोड़े को बनाया था। अरस्तु प्राचीन विज्ञान के जनक के रुप में जाने जाते है। जबकि दुर्बीन और अन्य उपकरणों द्वारा खगोलीय पिण्डों का अध्ययन और अवलोकन करने वाले गैलीलियों गैलीली आधुनिक विज्ञान के पिता है।
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