Father’s Day: पिता है तो, सारा जहान् लगता है अपना। पिता के बिना सब लगता है, बस एक सपना।। यह सिर्फ एक कहावत नही बल्कि हकीकत है। आज 21 जून दिन रविवार को संपूर्ण विश्व पिता दिवस के रुप में माना रहा है। पिता केवल एक अंशदाता नहीं होता बल्कि वह अपने बच्चों के लिये उस पेड़ की छाया की तरह है। जिसमें हम दुनियां के धूप बारिश और बदलते मौसम की करवट से स्वंय को सुरक्षित महसूस करते है।
पिता है, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माता
प्रत्येक वर्ष जून के तीसरे रविवार को मनाया जाने वाला यह दिन उन सभी पिता को समर्पित है जो अपनी खुशियों की परवाह न करते हुये अपने बच्चों को वह सभी तरह की सुख सुविधायें देने के लिये प्रयासरत् रहते है। जिससे बच्चे उनके बनाये रास्तों पर चल कर अपने दुखों को भूल कर उज्ज्वल भविष्य ओर अग्रसरित होते है।
10 जून 1910 को मनाया गया था, पहला फादर्स डे
एक पिता के त्याग प्रेम को समर्पित यह दिवस मनाये जाने की शुरुआत अमेरिका के सोनोरा स्मार्ट डोड ने की थी। सोनोरा के पिता ने अपनी पत्नी के देहांत के बाद अकेले ही पांच भाई बहनों की परवरिश की। जिससे प्रभावित होकर सोनोरा ने अपने पिता के संघर्षशील जीवन को सम्मान देने के लिये 10 जून 1910 को पहला फादर्स डे मनाया था। सन 1972 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने प्रत्येक वर्ष फादर्स डे के इस खास दिन को जून के तीसरे सप्ताह में मनाये जाने की घोषणा की और इस पावन अवसर पर अवकाश घोषित किया।
…समाप्त……..
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