Kanpur Nagar: शहर कानपुर में बारिश भले ही न हो रही हो लेकिन गंगा का पानी अपने पूरे उफान पर है। यह पहाड़ी इलाकों पर लगातार बरसात का असर है जो कानपुर नगर के गंगा घाटों के बढ़ते जल स्तर के रुप में दिखाई दे रहा है। आनंदेश्वर धाम से लेकर सिद्धनाथ धाम, सरसैया घाट, अटल और बिठूर के घाटों पर जलस्तर तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है।
जिसको देखते हुये प्रशासन ने गंगा में लोगों को स्नान से रोक लगाने के साथ अलर्ट भी जारी कर दिया है। सोमवार दिनांक 13 जुलाई को आनंदेश्वर धाम में गंगा सीढ़ियों तक आ गयी। बढ़ते जलस्तर के खतरे को देखते हुये प्रशासन ने गंगा बैराज के 30 गेटों को खुलवा दिया।
पहाड़ी इलाकों में बारिश से बढ़ रहा गंगा का जल स्तर
कानपुर में मद्म बारिश और जुलाई माह में मात्र एक से दो दिन हुई तेज बारिश के बावजूद तापमान 38 से 40 डिग्री बना हुआ है। इसके बाद भी गंगा के जलस्तर की मुख्य वजह पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश मानी जा रही है। सिंचाई विभाग की माने तो हिमालयी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा उफान मार रही है।
बढ़ते जल स्तर की वजह से घाटों पर लगी बैरिकेडिंग
बढ़ते जलस्तर के बाद परमट, सरसैया घाट, अटल घाट और बिठूर परमट आनंदेश्वर धाम में सुरक्षा व्यवस्था को मद्देनजर रखते हुये बैरिकेडिंग लगा दी गई है। और लोगों को गंगा में नहाने से रोके जाने के साथ गंगा के आस-पास घूमने टहलने पर पाबंदी लगा दी है। किसी तरह की कोई दुर्घटना न हो इसके लिये गंगा किनारे गोताखोरों की व्यवस्था पर भी जिला प्रशासन द्वारा विशेष ध्यान दिया गया है।
आने वाले सप्ताह में खतरे के निशान तक बढ़ सकती है, गंगा
गंगा के आस-पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन के महीने में जलस्तर बढ़ना आम बात है। लेकिन इस बार तो कानपुर शहर में अभी तक नाम मात्र ही बारिश हुयी है। और जलस्तर बढ़ना शुरु हो गया है। यदि सावन में तेज बारिश हो जाती है तो परमट धाम में गंगा का जल स्तर भोलेनाथ की चौखट तक पहुँचने में देर नहीं लगेगी। फिलहाल अभी गंगा में जल का स्तर खतरे के निशान से नीचे है। लेकिन आने वाले सप्ताह में बैराज से ज्यादा पानी छोड़े जाने से जलस्तर खतरे के निशान तक पहुँचने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिसको देखते हुये प्रशासन ने पुख्ता इंतजामात अभी से कर लिये है।
…समाप्त…….
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