Hibiscus Rosa-Sinensis: अंग्रेजी में Hibiscus के नाम से पहचाना जाने वाला गुड़हल का फूल ज्यादातर लोगों के घर आंगन और बालकनी में खिला हुआ दिख जाता है। माता काली की छवि को प्रदर्शित करता गुड़हल के अन्य नाम चाइनीज हिबिस्कस, जास्वंद का तेज ऊर्जा को दर्शाता चटक लाल रंग माता काली एंव भगवान गणेश को बेहद प्रिय है।
कुछ मान्यताओं के अनुसार महाकाली को 108 गुड़हल के फूलों की माला या फूल अर्पित करने से मातारानी मनोवांछित फल प्रदान करने के साथ नकारात्मक शक्तियों से भी रक्षा करती है। इस लिये इसे देवी फूल के नाम से भी जाना जाता है।
आयुर्वेद जगत में गुड़हल का है,विशेष महत्व
लाल, पीले, सफेद, गुलाबी और नारंगी रंगों में मिलने वाले यह फूल सौंदर्य बढ़ाने के साथ आयुर्वेद जगत में भी विशेष महत्व रखते है। 5 पंखुड़ियों और बीच में लंबी केसर संरचना वाले गुड़हल के फूल का झाड़ीदार पौधा वर्ष भर फूल देता है।

इसमें गुड़हल के लाल फूल को आध्यात्मिक दृष्टि से पूजा और औषधि के लिये सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। जबकि सफेद गुड़हल शीतलता का प्रतीक माना जाता है। वहीं डबल पेटल्स और पीले गुलाबी रंग के गुड़हल को शादी, पार्टियों, तीज त्योहारों में सजावट के लिये इस्तेमाल में लाया जाता है।
बाल और त्वचा के लिये वरदान है, गुड़हल
विशेषज्ञों की माने तो गुड़हल के पत्तियां और फूलों को पीसकर ऑयल मिलाकर बालों में लगाने से डैंड्रफ और बालों के झड़ने की समस्या से भी निजात मिलने के साथ बाल काले घने मुलायम और मजबूत बनते है। गुड़हल के फूल और पत्तियों का उपयोग शैम्पू और हेयर ऑयल बनाने के लिये भी भारी मात्रा में प्रयोग किया जाता है।

इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व त्वचा के दाग-धब्बे दूर करने के अलावा त्वचा को सॉफ्ट और चमकदार बनाते हैं। डाक्टरों की माने तो गुड़हल की चाय ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के साथ बुखार खांसी में राहत और शरीर के तापमान नियंत्रण में सहायक होती है। लेकिन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये गुड़हल की चाय का सेवन डाक्टरों की सलाह के बाद ही करना चाहिये।
कम खर्च, कम देखभाल, गुड़हल के ज्यादा फायदे
कम खर्च और कम देखभाल में लगने वाले गुड़हल के पौधे घरों में लगाना बेहद आसान होता है गमले और जमीन दोनों में यह आसानी से फलते-फूलते हैं। धूप वाले स्थान और जल निकासी वाली मिट्टी में गोबर की खाद के उपयोग द्वारा फूलों का आकार बड़ा और रंग सुंदर किया जा सकता है।
निष्कर्ष
इस तरह प्रकृति का अमूल्य वरदान गुड़हल की पत्तियां और फूल आध्यात्मिक, औषधीय एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री का भण्डार है। कम लागत और मेहनत में लगने वाले इस पौधे के फूलों को हर घर में खिलना चाहिये।
समाप्त…….
ये भी पढ़ेः Sawan 2026: रेलवे स्टेशन और कांवड़ मार्गो पर नॉन-वेज बिक्री पर रोक


2 Comments
Pingback: CJP Protest: सीजेपी प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यालय को घेरा - anantpratigyakhabar.com
Pingback: Gen-Z Jantar-Mantar: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रल्ह्राद जोशी बने शिक्षामंत्री - anantpratigyakhabar.com