CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। प्रदर्शन के तीसरे दिन पेपर लीक, नौकरी की कमी और भर्तियों में हो रहे घोटालों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यालय का घेराव करते हुये काकरोच पार्टी ने रफ्तार पकड़ ली है। जिसके चलते दिल्ली में मेट्रो, इंटरनेट और कुछ रास्ते भी बंद कर दिये गये। हजारों की संख्या में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर पेपर लीक बैंड करो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाते हुये शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकाला।
सीजेपी की पेपर लीक मामले में दोषियों को सजा की मांग
एनटीए के लिए शिक्षकों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होने की नैतिक जिम्मेवारी शिक्षा मंत्री की है। सीजेपी की मांग है कि पेपर लीक संशोधन विधेयक को फौरन लागू करके पेपर लीक के दोषियों को 10 वर्ष की सजा का प्रावधान किया जाय। जबकि नौकरी की मांग कर रहे युवाओं का कहना है कि कि लाखों पद खाली पड़े है लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे नही बढ़ रही है। भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुये खाली पड़े पद अतिशीघ्र भरे जाये।

जिसके बाद प्रदर्शनकारियों का दबाव बढ़ता देख एटीए और सरकार हरकत में आयी और एनटीए के 47 वरिष्ठ अधिकारियों को पेपर लीक के मामले को लेकर पद से बर्खास्त कर दिया। मोदी कैबिनेट ने पेपर लीक रोकने वाले नये विधेयक को मंजूरी दे दी है। और पेपर लीक की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन कर दिया है।
शिक्षा में सुधार और पेपर लीक के मामले को लेकर 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने अनशन से विराम लेकर प्रदर्शन जारी रखते हुये सीजेपी का समर्थन किया।
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