Sawan Shivratri: महाशिवरात्री को हिन्दू धर्म में बेहद शुभ दिन माना जाता है। और यदि भगवान शिव का प्रिय माह सावन हो तब यह मासिक शिवरात्री का पावन पर्व हो तब यह दिन और भी खास हो जाता है। ज्योतिषशास्त्रों के अनुसार इस सावन शिवरात्री बेहद शुभ संयोग माना जा रहा है।
इस दिन भक्तगण उपवास रखकर विधि विधान से सृष्टि संहारक भगवान शिव का “ॐ नमः शिवाय” का जप करते हुये फूल, बेलपत्र, धतुरा,जल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक करते है। जिससे सुख समृद्धि और विकारों से मुक्ति के साथ समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
माता पार्वती और भगवान शिव देते है, मनचाहा वर
सावन माह में भगवान शिव पर जल अर्पण करना और उनका ठण्डी वस्तुओं को चढ़ाने की सदियों से चली आ रही परंपरा है। इस दिन व्रत रखने और विधि विधान से पूजा अर्चना करने से शिव और माता पार्वती दोनों की विशेष कृपा श्रद्धालुओं को प्राप्त होती है।

कुछ मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत, पूजा और जलाभिषेक करने से विवाह में आ रही बधाएं दूर होती हैं। कुंवारी लड़कियाँ वर प्राप्ति के लिए और विवाहित महिलायें अपने पति की लंबी आयु के लिए सावन शिवरात्री का व्रत रख सकती हैं।
करोड़ों की संख्या में कांवड़ियों ने किया भागवान शिव का अभिषेक
सावन शिवरात्रि के अवसर पर शिव को जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगा जल से अभिषेक करना शुभ होता है। सावन शिवरात्री के इस पावन दिन के अवसर पर हरियाली और शिवमय वातावरण में कांवड़ में जल भर कर भगवान शिव को अभिषेक कराने के लिये करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ शिवालयों में उमड़ी।
जिससे सावन का यह दिन भक्ति भाव से गहरा उठा। कहा जाता है कि इस दिन सच्चे ह्द्य से भगवान शिव की अराधना की जाय तो भोलेनाथ समस्त कष्टों को हर कर जीवन को सुख समृद्धि से भर देते है।
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