Close Menu
anantpratigyakhabar.com
    What's Hot

    Csjmu Kanpur: ‘AI मंथन 2.0’ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी

    September 13, 2026

    BRICS 2026: ब्रिक्स 2026 में 11 देशों का गठबंधन थीम पर नजर

    September 11, 2026

    Csjmu Kanpur: बहुचर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’की टीम पहुँची विश्वविद्यालय

    September 10, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • Csjmu Kanpur: ‘AI मंथन 2.0’ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी
    • BRICS 2026: ब्रिक्स 2026 में 11 देशों का गठबंधन थीम पर नजर
    • Csjmu Kanpur: बहुचर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’की टीम पहुँची विश्वविद्यालय
    • J.K. Temple Janmashtami Mahotsav: महा-आरती के साथ संपन हुआ भव्य जन्माष्टमी महोत्सव 
    • ShriKrishna-Rukmini Vivah: “हे जगत-सुंदर! मैंने आपको पति रूप में वरण कर लिया है-
    • Kanpur: बहू ने नौकर को सुपारी देकर ससुर का कराया कत्ल
    • दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से हुआ भयानक हादसा
    • Kanpur Court: कोर्ट परिसर में नवनिर्मित हॉल का लोकार्पण
    Facebook X (Twitter) Instagram
    anantpratigyakhabar.comanantpratigyakhabar.com
    Magazine
    Sunday, September 13
    • Home
    • देश
    • मनोरंजन
    • धर्म और अध्यात्म
    • स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल
    • राजनीति
    • खेल अपडेट
    • नई खबरें
    • और खबरें
    • Web Stories
    anantpratigyakhabar.com
    Home » Terms of Services » Shravan Maas 2026: प्रकृति, शिव और हरियाली का संगम है, सावन

    Shravan Maas 2026: प्रकृति, शिव और हरियाली का संगम है, सावन

    Shravan Maas 2026
    Preeti RathoreBy Preeti RathoreJuly 30, 2026Updated:July 30, 2026 धर्म और अध्यात्म 3 Comments4 Mins Read
    Shravan Maas 2026
    Shravan Maas 2026
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Shravan Maas 2026: प्रकृति, शिव, भक्ति और हरियाली का संगम सावन माह भोलेनाथ को प्रिय पवित्र महीनों में माना जाता है। 30 जुलाई से 28 अगस्त तक शिवजी को समर्पित प्रकृति के सौंदर्य को अपने में समाहित किये यह महीना भक्तगणों के मन में प्रेम और भक्ति के भाव को जाग्रत करता है। श्रद्धालु  इस माह को बेहद हर्षोल्लास के साथ भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर मनाते है।

    मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने की इच्छा से इस माह घोर तप किया था। जिसकी वजह से कुंवारी कन्यायें इस माह में मनचाहा वर पाने के लिये सावन के सोमवारी कहे जाने वाले सोमवार का व्रत रखती है।

    सावन माह में भगवान शिव ने कंठ में धारण किया था, हलाहल विष

    पौराणिक कथाओं के अनुसार सावन में समुद्र मथन हुआ था उसमें निकले 14 रत्नों के साथ हलाहल विष भी निकला था। उस विष से सृष्टि की रक्षा करने  लिये भगवान शिव ने अपने कंठ में ग्रहण कर लिया था। जब विष की तपन से भगवान शिव का शरीर तपने लगा तब देवताओं ने शिवजी की तपन को शान्त करने के लिये जल अर्पित किया तभी से सावन के महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक और दूध दही ठण्डी वस्तुओं से रुद्राभिषेक करने की प्रथा सदियों से चली आ रही है।

    इस एक माह भगवान शिव की फल, फूल, दूध, बेलपत्र, धतुरा आदि अर्पित कर विधि विधान पूजा अर्चना करने से भगवान शिव प्रसन्न होते है। और मनोवांछित वर प्रदान करने के साथ समस्त मनोकामनायें पूरी करते है।   

    हरिद्वार से लेकर गंगोत्री तक कावड़ियों की लगती है, कतारें

    सावन महीने में सोमवार के दिन मंदिरों में प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं की कतारे लगना प्रारम्भ हो जाती है। कांवडियां दूर-दूर से कावड़ में भर कर लाये गये जल को शिवजी को अर्पित करते है। हरिद्वार से लेकर गंगोत्री तक कंवाड में जल लेने के लिये कावड़ियों की लम्बी कतारे लगती है।

    तपन भरी गर्मी के बाद सावन की बारिश की बूंदे जब पृथ्वी पर गिरती है। इस दृश्य में प्रकृति की सुन्दरता चरम पर होती है। ऐसे में मिट्टी की सौंधी खुशबू लुभावनी हरियाली में आम, बरगद और पीपल की डालों में झूले लगाकर महिलायें उसमें कजरी और सावन के गीतों को गाते हुये झुला झूलकर उत्सव मनाती है।  

    सावन है, परंपरिक त्योहारों के आगमन का महीना

    सावन त्योहारों के आगमन के शुरुआत का माह माना जाता है सावन में हरियाली तीज, नागपंचमी और रक्षाबंधन आदि त्योहार भी हिंदू परंपरा में विशेष महत्व रखते है। इसमें हरियाली तीज पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। जिसमें महिलायें हाथों में मेंहदी, हरी चूड़ियों, हरे वस्त्रों को धारण कर श्रृंगार करती है। और झूला झूल कर पति की लम्बी उम्र की कामना करती है।

    करोड़ों वर्ष पूर्व सृष्टि के आरंभकाल में उत्पन्न हुये नागों के पूजने का त्योहार नागपंचमी इसी सावन माह का प्रमुख त्योहार है। इस दिन घरों के द्वार की दीवारों पर नाग देवताओं की छवियां उकेर कर उनकी पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि के आगमन की प्रर्थना की जाती है।

    सावन की पूर्णिमा को मनाया जाता है, भाई बहन का त्योहार रक्षाबंधन

    सावन के माह के अंतिम दिन सावन पूर्णिमा को भाई बहनों के पवित्र रिश्तों के लिये मनाये जाने वाले  रक्षाबंधन के त्योहार में बहन अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लम्बी उम्र की कामना करती है। और रक्षा का वचन लेती है।

    त्योहारों के अलावा सावन का महीना किसानों के लिये वरदान बनकर आता है। इसमें किसान पुरानी फसल की कटाई करके नई फसल को बोते है। मोर का नाचना, बादलों की गर्जन बारिश की मोतियों की तरह हरे-भरे पत्तों पर गिरती बूंदे ऐसी प्रतीत होती है। मानो भगवान शिव प्रकृति से मिलन को स्वयं धरती पर पधारे हो। इसलिये सावन का पावन महीना प्रेम भक्ति परंपरा और प्रकृति का उत्सव है।  

    ‘हर हर महादेव’

    समाप्त……..

    ये भी पढ़ेः Guru Purnima 2026: गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः

    Bhagwan Shiv India Mata Parvati Shravan Maas 2026
    Preeti Rathore
    • Website

    पिछले 14 वर्षो से पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़ी हूँ। समाचार लेखन, विज्ञापन स्क्रिप्ट लेखन, आध्यात्मिक लेख लिखने के अलावा पत्रकारिता के शिक्षक के रुप में कार्य किया है। मैनें सीएसजेएमयू कानपुर से एम.जे.एम.सी, एम.एस.सी, बी.एड, एल.एल.बी,अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र हिन्दी विषय में परस्नातक एंव राजर्षि टण्डन मुक्त वि.वि. से पीजीडीएमएम की डिग्री प्राप्त की है। मैं अपनी वेबसाइट (Anantpratigya खबर) में पाठक वर्ग को सत्य और स्पष्ट जानकारी से सबंधित खबरें देने हेतु प्रयासरत् रहूँगीं।

    Keep Reading

    Csjmu Kanpur: ‘AI मंथन 2.0’ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी

    BRICS 2026: ब्रिक्स 2026 में 11 देशों का गठबंधन थीम पर नजर

    Csjmu Kanpur: बहुचर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’की टीम पहुँची विश्वविद्यालय

    J.K. Temple Janmashtami Mahotsav: महा-आरती के साथ संपन हुआ भव्य जन्माष्टमी महोत्सव 

    ShriKrishna-Rukmini Vivah: “हे जगत-सुंदर! मैंने आपको पति रूप में वरण कर लिया है-

    Kanpur: बहू ने नौकर को सुपारी देकर ससुर का कराया कत्ल

    View 3 Comments

    3 Comments

    1. Pingback: Bangaluru News: सावन के महीने में वृक्षारोपण - anantpratigyakhabar.com

    2. Pingback: Shravan Maas 2026:स्वयंभु है, द्वादश ज्योर्तिंलिंग - anantpratigyakhabar.com

    3. Pingback: Shravan Maas 2026: शिवशक्ति, ज्ञान एवं विनाश का प्रतीक है, त्रिशूल - anantpratigyakhabar.com

    Leave A Reply Cancel Reply

    Editors Picks

    वेंलेनटाइन वीकः भावनात्मक तनाव कम करते है, टैडी

    February 10, 2026

    चायनीज माझें पर है प्रतिबंध, पूरे प्रदेश में चलाये जाय अभियान

    February 6, 2026

    Banyan tree: गुजरात में मिला 700 साल पुराना बरगद

    July 8, 2026

    9 शुभ चिन्ह है, घर की सुख समृद्धि के प्रतीक

    May 15, 2026

    स्वस्थ रखने में सहायक है, औषधीय पौधे

    June 11, 2026
    Latest Posts

    Csjmu Kanpur: ‘AI मंथन 2.0’ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी

    September 13, 2026

    Subscribe to News

    Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

    Advertisement
    Recent Posts
    • Csjmu Kanpur: ‘AI मंथन 2.0’ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी
    • BRICS 2026: ब्रिक्स 2026 में 11 देशों का गठबंधन थीम पर नजर
    • Csjmu Kanpur: बहुचर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’की टीम पहुँची विश्वविद्यालय
    • J.K. Temple Janmashtami Mahotsav: महा-आरती के साथ संपन हुआ भव्य जन्माष्टमी महोत्सव 
    • ShriKrishna-Rukmini Vivah: “हे जगत-सुंदर! मैंने आपको पति रूप में वरण कर लिया है-

    Csjmu Kanpur: ‘AI मंथन 2.0’ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी

    September 13, 2026

    BRICS 2026: ब्रिक्स 2026 में 11 देशों का गठबंधन थीम पर नजर

    September 11, 2026

    Csjmu Kanpur: बहुचर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’की टीम पहुँची विश्वविद्यालय

    September 10, 2026

    J.K. Temple Janmashtami Mahotsav: महा-आरती के साथ संपन हुआ भव्य जन्माष्टमी महोत्सव 

    September 10, 2026
    Smart Investing: A Beginner’s Guide to Growing Your Money Wisely
    Facebook Instagram
    © 2026 Anantpratigyakhabar. Designed by FutureZenGroup.
    • About Us
    • Privacy
    • Terms
    • Cookie
    • Contact Us
    • Copyright

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.