Bangaluru News:समर्थ नारी समर्थ भारत की महिलाएं सावन के महीने को वृक्षारोपण महीना के रूप में मना रही है। जिसकी शुरुआत दिनांक 30 जुलाई दिन गुरुवार को बंगलौर के सरजापुर वंडर वर्ल्ड सोसायटी के पार्क में शिव मंदिर प्रांगण से की गई। इस अवसर पर संगठन की राष्ट्रीय सह संयोजिका माया श्रीवास्तव ने कहा कि सावन माह का भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्व रखता है। सावन महीना उमंग एवं उत्साह से भरा हुआ होता है। चारो तरफ हरियाली जो मन को भी हरा-भरा बना देती है।

इस माह में जहां देवों के देव महादेव की पूजा होती है वहीं सभी सुहागिन और कुंवारी कन्याएँ, महिलाएं व्रत रखती हैं । सावन का महीना सिर्फ भक्ति के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है बल्कि यह किसानों के लिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस समय किसान कई प्रकार की फसलों की बुआई करते हैं
माता पार्वती धरती लोक पर करते हैं, निवास
सावन का महीना महत्व प्राचीन समय से ही चला आ रहा है। पुराणों में वर्णित समुद्र मंथन सावन के महीने में ही हुआ था, सावन के महीने में भागवान शिव और माता पार्वती धरती लोक पर निवास करते हैं य़ह महीना भक्ति के महीने के साथ प्रेम का भी महीना माना जाता है।
सावन के महीने में जहां किसान नई फ़सलों की बुआई करते है। वहीं प्रकृत्ति नये पेड़ पौधे को जन्म देती है सावन मानव प्राणियों के अलावा पशु पक्षियों के लिये खुशहाली और वरदान लेकर आता है।
मिथिलांचल की महिलाएं मनाती है, मधुश्रावणी का पर्व
इसी महीने में मिथिलांचल की महिलाएं अपने पति की दीर्घ आयु के लिये मधुश्रावणी का प्रसिद्ध पर्व मनाती है। इस प्रकार सावन भक्ति हरियाली के सा परंपरिक त्योहारों का भी महीना माना जाता है। इस खास दिन की शुरुआत के अवसर पर समर्थ नारी समर्थ भारत की संयोजिका श्रीमती माया श्रीवास्तव ने सभी महिला कार्यकर्ताओं को शुभकामना देते हुए आह्वान किया कि ग्लोवल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए पूरे सावन माह वृक्षारोपण अभियान शुरू करें जिससे हमारा देश में हरियाली बनी रहे। समारोह की अध्यक्षता सुधा शुक्ला, संचालन विद्या देवी और धन्यवाद ज्ञापन विमला लाल के द्वारा की गई।
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