Kanpur : सावन में लगातार पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में होने वाली बारिश के साथ कानपुर में भी हल्की बारिश जारी है। जिसके कारण शहर में गंगा का जल स्तर दिनोंदिन बढ़ता चला जा रहा है। गंगा बैराज के अपस्ट्रीम का जलस्तर 113.570 और डाउनस्ट्रीम पर जलस्तर 113.420 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जो कि चेतावनी बिंदु 114 मीटर के बेहद करीब पहुँच चुका है।
बैराज के सभी गेटों को खोल दिया गया है। 19 अगस्त दिन बुधवार को लगभग बैराज से 2,19,413 क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। प्रशासन के अनुसार हरिद्वार और नरौरा से आने वाले पानी के कारण कुछ दिनों में पानी चेतावनी के जलस्तर 114 मीटर को पार कर सकता है। और खतरे के निशान 115 मीटर के करीब पहुँच सकता है।
कटरी क्षेत्रों के कई गांवों को अलर्ट जारी
प्रशासन ने जलस्तर के बढ़ते खतरे से निपटान के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। कानपुर के परमट, सिद्धनाथ, शुक्लागंज घाट और बैराज पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही गंगा किनारे गुजर बसर करने वाले लोगों पर बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट करने की व्यवस्था भी की गई है। कटरी क्षेत्रों के भगवानदीनपुरवा, डल्लापुरवा, भारतपुरवा, भोपालापुरवा, चैनपुरवा, गिल्लीपुरवा, दुर्गापुरवा आदि कई गांवों को अलर्ट जारी किया जा चुका है। इसके अलावा नई बस्ती, मंगलपुरवा पहाड़ीपुर जैसे गांव बाढ़ से घिरने की आशंका को देखते हुये सुरक्षा व्यवस्था बढ़ायी गयी है।
पश्चिमी गंगाघाट के कटरी क्षेत्र में पानी घरों में घुसना शुरु हो गया है। जिसकी वजह से यहाँ के निवासी नावों से आवाजाही के लिये मजबूर हो चुके है। सुरक्षात्मक रवैया को अपनाते हुये, शहर के भोलेनाथ का धाम परमट समेत अटल, सरसैया घाटों पर लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है। ताकि अचानक होने वाली आपदा से बचा जा सके।

सावन के तृतीय सोमवार नहाने गये युवक गंगा में डूबे
इन सबके बावजूद सावन के तृतीय सोमवार के दिन बिठूर और ड्योढ़ी घाट की गंगा में स्नान करने गये 4 युवक डूब गये। जिसमें सचेंडी निवासी गोविंद सोनकर का 19 वर्षीय बेटा, और 18 वर्षीय रिश्तेदार का बेटा सतीष बिठूर में स्नान करते समय गहराई में उतरे जिसके बाद अभी तक उनकी बरादमगी नहीं हो सकी है। उन्हें खोजने के लिये प्रशासन लगातार रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन चला रहा है।
वहीं अहिरवां निवासी 15 वर्षीय कृष्णा और उसका दोस्त पटेल नगर निवासी 16 वर्षीय शिवा शुक्ला ड्योढ़ी घाट में नहाने के दौरान डूबे। जिन्हें ढूंढने के लिये लगभग 50 मीटर के दायरे तक गोताखोर लगाये गये है। मौसम विभाग की माने तो आने वाले सप्ताह में तेज बारिश के हलात दिखाई दे रहे है। और सावन के माह के दौरान जलस्तर घटने के आसार भी कम दिख रहे है। जिसको मद्देनजर रखते हुये प्रशासन ने लोगों को गंगा के आस-पास न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
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