Author: Preeti Rathore

पिछले 14 वर्षो से पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़ी हूँ। समाचार लेखन, विज्ञापन स्क्रिप्ट लेखन, आध्यात्मिक लेख लिखने के अलावा पत्रकारिता के शिक्षक के रुप में कार्य किया है। मैनें सीएसजेएमयू कानपुर से एम.जे.एम.सी, एम.एस.सी, बी.एड, एल.एल.बी,अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र हिन्दी विषय में परस्नातक एंव राजर्षि टण्डन मुक्त वि.वि. से पीजीडीएमएम की डिग्री प्राप्त की है। मैं अपनी वेबसाइट (Anantpratigya खबर) में पाठक वर्ग को सत्य और स्पष्ट जानकारी से सबंधित खबरें देने हेतु प्रयासरत् रहूँगीं।

SHIV RUDRA ROOP: रुद्र का मतलब भयानक शक्तिशाली होता है भगवान शिव के उनके विनाशकारी रुप को प्रर्दशित करने वाला रुद्र रुप है। शिवजी का शक्तिशाली रुप उनकी शक्तियों का परिचायक है यह दर्शता है कि शिव विनाशक के साथ पुनर्जन्म के प्रतीक है। महर्षि कश्यप और सुरभि के पुत्र माने जाने वाले भागवान शिव के रुद्र रुप के 11 अवतार है। माना जाता है यह सभी रुप देवताओं के कार्यो को सिद्धि करने के लिये और सृष्टि कल्याण के लिये उत्पन्न हुये थे। उपनिषद में शिव के 11 रुद्र रुपों को बताया गया है, 10 इंद्रियाँ औऱ एक मनः…

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YAGYA: पाँच महायज्ञों को हिन्दू धर्म में गृहस्थों के दैनिक कर्तव्यों के रुप में शामिल किया गया है। इसमें वेदों का अध्यापन और ईश्वर के ध्यान को ऋषियज्ञ, जन्म, शादी एंव गृह प्रवेश के अलावा अन्य शुभ अवसरों पर देवी देवताओं को आवाह्न हेतु हवनकुंड की अग्नि में मंत्रोच्चारण के साथ दी जाने वाली देवताओं को आहुति को देवयज्ञ कहा जाता है। अग्नि, जल, वायु, आकाश और पृथ्वी समेत सभी प्राणियों को भोजन अर्पित करने के लिये वैश्वदेव यज्ञ किया जाता है। जबकि अतिथियों का सत्कार, साधु संतों  सन्यासियों की सेवा करने को अतिथि यज्ञ कहते है। सबसे सर्वश्रेष्ठ यज्ञ…

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Kanpur Nagar: राधा कृष्ण के असीम प्रेम के प्रदर्शित करने वाले दृश्यों का दृश्याकिंत करने वाले कानपुर शहर की शान जे.के. मंदिर कमला नगर में 27 दिसम्बर दिन  शनिवार को मंदिर प्रांगण  में सायकांल के लुभावने दृश्य में हनुमान चालीसा पाठ और राधा कृष्ण के भजनों और भक्तिमय गीतों पर नृत्यों का आयोजन किया गया।  जिसमें स्टार  म्यूजिक फाउंडेशन  के कलाकारों  ने अपनी  सुन्दर  मनभावन  प्रस्तुतियों से मंदिर प्रांगण में मौजूद दर्शकों ध्यान आकर्षित किया। अनिका, सान्वी के “कौन कहते है, भगवान आते नहीं तुम राधा के जैसे बुलाते नही” भजन की सुन्दर प्रस्तुति और खुशी एंव महिमा के “राधे राधे”…

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तुलसी के पौधे को हिन्दू धर्म में अत्यन्त पवित्र पौधा माना जाता है। 2014 से प्रत्येक वर्ष 25 दिसम्बर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है। औषधीय गुणों से परिपूर्ण तुलसी का पौधा मानव जीवन के लिये जीवनदायनी जड़ीबूटी की तरह कार्य करता है। विभिन्न अध्ययनों  के अनुसार यह पौधे की पत्तियों के सेवन से शरीर को विभिन्  रोगों से मुक्ति मिलती है। यह मस्तिष्क की  कोशिकाओं  को  मजबूती प्रदान करके यादाश्त को सक्रिय करने और एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करता  है। इसके औषधीय गुण शरीर में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करके मधुमेह रोग से मुक्ति प्रदान करता…

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