Csjmu Kanpur: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा देवर्षि नारद जी की जयंती के अवसर पर “राष्ट्रवादी पत्रकारिता में स्व का बोध” पर ऑनलाइन माध्यम से एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें पत्रकारिता के मूल्यों, जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कहा कि लोकमंगल के उद्देश्य से समाज में पत्रकारिता करनी चाहिए और देवर्षि नारद जी के संचार प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुये बताया कि नारद जी सार्थक संवाद में महारथ थे।

भारतीय परंपरा में देवर्षि नारद थे, प्रथम पत्रकार
प्रो. द्वीवेदी ने कहा कि देवर्षि नारद से प्रेरणा लेकर समाज के हितों को ध्यान में रखते हुये पत्रकारिता करनी चाहिये। आज के दौर की पत्रकारिता सूचना के माध्यम के साथ समाज को दिशा देने का सशक्त उपकरण है पत्रकारों को पत्रकारिता मूल्यों की महत्ता, निष्पक्षता राष्ट्रहित को भी ध्यान में रखना चाहिए।अपने वक्तव्य को आगे बढ़ाते हुये इन्होंने हिंदी के प्रथम समाचार पत्र उदंत मार्तंड के संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल के बारे में भी चर्चा की और भारत को विश्वगुरू की संज्ञा दी। ।
राष्ट्रवादी पत्रकारिता में स्व का बोध जरुरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया और कहा कि देवर्षि नारद भारतीय परंपरा में प्रथम पत्रकार माने जाते है, जिन्होंने सदैव सत्य और लोकहित को प्राथमिकता दी। ऐसे में उनके आदर्श आज भी पत्रकारिता के लिए प्रेरणास्रोत हैं और अपनी संस्कृति और कर्तव्यों का शाश्वत परिचय ही स्व का बोध है। पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ दिवाकर अवस्थी ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज का दिन केवल एक पौराणिक जयंती नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय पत्रकारिता के मूल्यों और आदर्शों पर आत्ममंथन करने का दिन है।

महर्षि नारद जी का जीवन हमें सिखाता है कि सूचना की गति से अधिक उसकी सत्यता और उद्देश्य महत्वपूर्ण है। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. हरिओम कुमार, कार्यक्रम संचालक ए डॉ ओम शंकर गुप्ता, धन्यवाद ज्ञापन विभाग के सह आचार्य डॉ.योगेंद्र कुमार पांडेय ने किया और विभाग के सहायक आचार्य डॉ.जितेंद्र डबराल, प्रेम किशोर शुक्ला, सागर कनौजिया समेत छात्र -छात्राओं ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर पत्रकारिता विषय पर विस्तृत चर्चा की।
…समाप्त……..
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