Alphonso vs Kesar Mango: आमों की हजारों किस्मों में अल्फांसों और केसर प्रजातियों की किस्मों को सर्वप्रथम रखा जाता है। इसमें अल्फांसों आमों का राजा है तो, केसर क्वीन है। लेकिन स्वाद और पहचान में दोनों आमों की अलग-अलग हैं। महाराष्ट्र में अल्फांसों को “हापुस” के नाम से भी जाना जाता है। ये मुख्य रूप से महाराष्ट्र के रत्नागिरी, देवगढ़ और कोंकण क्षेत्र में उगता है। इसका रंग सुनहरा पीला और केसरिया होता है।

स्वाद में ये बेहद मीठा और सुगंधित होता है। इसमें रेशे नहीं होते इसलिए इसे सीधे खाने और मिल्कशेक में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।अतरराष्ट्रीय बाजार में भी अल्फांसों की मांग सबसे ज्यादा है। अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों में ये महंगे दामों पर बिकता है।
मीठा रसीला आम है, राजा अल्फांसों
केसर आम गुजरात के गिर और जूनागढ़ क्षेत्र की पहचान है, इसका नाम “केसर” इसलिए पड़ा क्योंकि पकने पर इसका गूदा केसर जैसा पीला और सुगंधित हो जाता है। स्वाद में ये अल्फांसों से थोड़ा कम मीठा लेकिन ज्यादा सुगंधित होता है। Kesar का छिलका पतला और गूदा गाढ़ा होता है। इसलिए इसे अचार, आमरस के लिए सबसे उपयोगी माना जाता है। मीठे और रसीले आमों का स्वाद चखने के लिये यदि मन करे तो अल्फांसों सबसे अच्छा विकल्प है। और यदि खुशबूदार आमरस के लिये तो केसर सबसे स्वादिष्ट आम है। दोनों ही आम भारतीय संस्कृति और किसानों की मेहनत का प्रतीक हैं।

अल्फांसों और केसर में मौजूद है, विटामिन्स और पोषक तत्व
अल्फांसों और केसर आमों में विटामिन A बीटा-कैरोटीन की भरपूर मात्रा होने के कारण इसका गूदा पीला और केसरिया होता है। यह आंखों की रोशनी, स्किन पर ग्लो और इम्यूनिटी क्षमता को बनाये रखने में सहायक होने के साथ इसमें पाया जाने वाला विटामिन सी और ई एंटी एजिंग की समस्या को भी कम करता है। नाखून और दिमाग को भी तरोताजा रखता है। इसके अलावा इसमें मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम, कॉपर, फाइबर गर्मी में लू से बचाव करने के साथ पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करते है।
नोटः लेकिन डायबिटीज की समस्या का सामना कर रहे लोगों के लिये आम की मात्रा पर ध्यान देना बेहद जरुरी है।
….समाप्त……
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