Delhi Jantar Mantar Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा के सुधार, बेरोजगारी के मामलों को लेकर एक माह से प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन अब और भी तेज हो गया है जारी है। बीती 20 जुलाई दिन रविवार को प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च निकाला जिसको पुलिस बल ने रोकने का प्रयास किया तो जिसमें प्रदर्शन कर रहे कई लोग घायल हो गये। जिनके उपचार की व्यवस्था भी जंतर-मंतर पर की गयी।
प्रदर्शन के लिये दूर दराज के शहरों और राज्यों के भारी संख्या में लोगों की भीड़ जंतर मंतर इक्ट्ठा होना शुरु हो गयी है। जबकि 24 दिनों से प्रदर्शन के लिये अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबियत बिगड़ने के कारण मेदांता मे भर्ती करा दिया गया है।
जंतर-मंतर पर पहुँचे विभिन्न पार्टियों के नेता
आज 22 जुलाई दिन मंगलवार को उद्धव ठाकरे, अखलेश यादव, अरविंद केजरीवाल समेत विभिन्न पार्टियों के नेता जंतर मंतर प्रदर्शन के स्थान पहुँचे। दशकों से दिल्ली का जंतर मंतर लोकतंत्र की आवाज का एक मंच माना जाता है। यह दिल्ली का वो स्थान है जहां देश भर से लोग अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिये आते हैं। यहीं से कई बड़े आंदोलनों की शुरूआत हुई हैं। इसलिये किसी भी मुद्दे से सबंधित मांग को लेकर प्रदर्शन इसी मंच पर किया जाता है।
इस बार नीट पेपर लीक जैसे शिक्षा सबंधी मुद्दों को लेकर जतंर-मंतर प्रदर्शनकारियों की आवाजों से गूंज उठा। पुलिस की चलती लाठियां और अश्रु गैस के फेके गये गोलों में भी प्रदर्शनकारी अपनी आवाज को बुलंद करके आपनी बात को मनवाने की जिद्द पर डटे हुये है।
जतंर-मंतर पर पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती
दिल्ली पुलिस और पैरा मिलिट्री के जवान तैनाती के बाद भी ये सभी प्रदर्शनकारी रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। मेट्रो स्टेशन सहित पूरी दिल्ली पुलिस बल तैनात किया गया है। ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। दिल्ली प्रशासन के अनुसार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अनुमति है। लेकिन जंतर मंतर पर लाउडस्पीकर और रात में रुकने पर प्रतिबंध किया गया है।
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