Indian Railways: मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे ने अपने नियमों के तहत रेल में सफर करने वाले यात्रियों को कानूनों का पालन करने के लिये सख्त हिदायत दी है। जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि यदि कोई यात्री बिना टिकट या किसी दूसरे की टिकट पर यात्रा करता पकड़ा जाता है तो उस पर अधिनियम 1989 और धारा 142 का तहत कार्रवाई की जायेगी। जिसके अंतर्गत यात्री को टिकट का पूरा किराया और 500 रुपये का जुर्माना भी देना होगा।
भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क के रुप में पहचाना जाता है लेकिन कुछ यात्री सफर के दौरान टिकट नही लेते या किसी दूसरे की टिकट पर सफर करने लगते है। जिसके कारण भारतीय रेलवे को करोड़ों का नुकसान भुगतना पड़ जाता है। जिसके लिये भारतीय रेलवे ने इस तरह के गुनाहगारों के लिये जुर्माना, सजा या फिर दोनों से दंड का प्रावधान किया है।
बिना टिकट सफर पर न्यूनतम जुर्माना है, 500 रुपये
रेल अधिनियम 1989 की धारा 142 के अनुसार कोई व्यक्ति बिना टिकट या बिना किराया चुकाए रेल में प्रवेश और यात्रा नहीं करेगा। यदि किसी कारणवश टिकट खो जाए तो यात्री को अपने पूरे किराये के साथ 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। टिकट खरीदने का कोई सबूत नहीं है तो इसे बिना टिकट यात्रा माना जाएगा। इसके अतिरिक्त दूसरे के नाम पर टिकट से यात्रा पर सख्त मनाही है।
रेलवे कानून का उल्लंघन करने पर है, 6 माह की जेल 2000 का जुर्माना
यात्री ट्रेन में अपने नाम के टिकट पर ही यात्रा कर सकते है। यदि कोई व्यक्ति धारा 142 का उल्लंघन करता पकड़ा जाता है तो उसको न्यूनतम 500 रुपये का जुर्माना देना अनिवार्य होगा। भले ही आपका सफर 20 रुपये की टिकट का क्यों न हो।
ऐसी स्थिति में यदि आप जुर्माना नही देते है तो कोर्ट के आदेश पर 6 माह की जेल और अधिकतम 2000 रुपये जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है। राजस्व बचाने, भीड़ में कमी लाने और सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुये रेलवे में टीटीई, आरपीएफ और जीआरपी के जवानों द्वारा यात्रियों पर कार्रवाई धारा 142 के तहत की जाती है। दंड प्रक्रिया के अतंर्गत जुर्माने का प्रावधान इसलिये किया गया है ताकि यात्री कानून का सम्मान करते हुये ट्रेन में यात्रा करें।
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News Source: Official Account of the Ministry of Railways, Government of India.
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