Kiwi Fruit: कीवी देखने में बेहद छोटा और रोयेंदार फल के रुप में जाना जाता है। हरे रंग के खट्टे मीठे इस फल के अंदर काले रंग के छोटे-छोटे बीज होते है। डाइटीशियन की माने तो बरसात के मौसम में तरह-तरह की बीमारियों से राहत दिलाने के साथ डेंगु बुखार में घटते प्लेटलेट्स को बढ़ाने में कीवी मददगार होती है। कीवी मुख्यता चाइनीज फल है इसलिए इसे चाइनीज गूसबेरी के नाम से पहचानते है। 20 वीं सदी के दौरान कीवी पक्षी के नाम पर न्यूजीलैंड में इसका इस फल का नाम कीवी रख दिया गया।
भारत देश में उत्तराखण्ड, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, एवं जम्मू-कश्मीर में कीवी की खेती बहुतायत की जाती है। ठंडी जलवायु में कीवी की उपज अच्छी होती है। नवम्बर से फरवरी का मौसम कीवी की खेती के लिये बेहद उत्पादकता भरा होता है।
ल्यूटिन,जेक्सैंथिन और फाइबर से भरपूर कीवी
सेहत की दृष्टि से देखा जाये तो “चाइनीज गूसबेरी” कीवी में विटामिन K, E, एंटीऑक्सीडेंट, ल्यूटिन, जेक्सैंथिन के साथ फाइबर और विटामिन C संतरे से अधिकमात्रा में पाया जाता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ इम्यूनिटी क्षमता बढ़ाता है। सर्दी-जुकाम से राहत देने हड्डियों को मजबूत बनाने और खून की कमी को दूर करने में सहायक कीवी की कम कैलोरी मात्रा वजन घटाने के लिये बेहद लाभकारी है।

डाइटीशियन की माने तो कीवी में ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है जिससे शुगर कंट्रोल रहती है। जबकि इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है। जबकि फाइबर स्वस्थ रखने और गहरी नींद लाने में मददगार होता है।
एलर्जी कमजोर पाचन तंत्र के लोग डॉक्टर की सलाह पर खाये कीवी
कीवी को छिलका उतार कर या छिलके सहित सलाद, दही के साथ ले सकते है। कीवी खरीदते समय उसकी क्वालिटी का ध्यान रखना बेहद जरुरी है। हल्का दबाने पर जो कीवी नरम प्रतीत हो वह स्वादिष्ट होती है। यदि कीवी सख्त है तो उसे दो से तीन दिन फ्रिज से बाहर रख दें जिससे वह नरम हो जायेगी।
नरम कीवी फ्रिज में 1हफ्ते तक ताजा बनी रहती है। एलर्जी कमजोर पाचन तंत्र के लोगों को डॉक्टर और डाइटीशियन की सलाह पर ही कीवी का सेवन करना चाहिये क्योंकि ज्यादा मात्रा में कीवी खाने से त्वचा में जलन, खुजली और डायरिया की समस्या हो सकती है।
बदलते मौसम में तरह-तरह की बीमारियों से बचने में “चाइनीज गूसबेरी” (कीवी) महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सभी उम्र वर्ग के लोग स्वंय को हेल्दी रखने के लिये रोजाना 1 से 2 कीवी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते है।
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Note: किसी भी फल का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह जरूर लें।
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