Budhwa Mangal: ज्येष्ट माह में 5 मई से 23 जून तक पड़ने वाले 8 बड़े मंगल हनुमान जी के खास दिनों में है। इस अवधि में हनुमान जी की पूजा अत्यंत शुभ फल देती है। मान्यता है कि भगवान राम से मिलने और भीम के अंहकार को तोड़ने के उद्देश्य से हनुमान जी ने वृद्ध वानर का रुप धारण किया था। इन दिनों चमेली के तेल या देशी घी का दीया जलाकर हनुमान चालीसा, सुदंर काण्ड और बजरंग बाण के 108 पाठ करना अत्यंत फलदायी साबित होते है।
संकटों से मुक्ति के लिये चढ़ाये, हनुमान जी को चोला
ज्योतिषशास्त्रों के अनुसार संकटों से मुक्ति पाने और बुरी नजर से बचने के लिये हनुमान जी की प्रतिमा पर चमेली के तेल और सिंदूर का चोला चढ़ाने से हनुमान जी बेहद प्रसन्न होते है। लंका दहन के समय इनके विराट रुप की भी विधि विधान से पूजा अर्चना को इन दिनों विशेष महत्व दिया जाता है।
Budhwa Mangalबुधवा मंगल में हनुमान जी की पूजा आध्यात्मिक दृष्टि से सबसे शुभ दिन के रुप में माना जाता है। इन दिनों भण्डारा, दान पुण्य, सिदूंर और भोग का अर्पण व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि एंव सकरात्मकता की अनुभूति कराता है।
पंचमुखी अवतार है, हनुमान जी का सबसे शक्तिशाली रुप
हिंदू धर्म में हनुमान जी को भगवान शिव के 11वें अवतार के रुप में पूजते है। पौराणिक कथाओं में हनुमान जी के रुद्र अवतार के अलावा पंचमुखी अवतार सबसे शक्तिशाली रुप को दर्शाता है। इसमें हनुमान जी के पांच मुख नरसिंह, गरुण, वराह, हनुमान और हयग्रीव पांचों दिशाओं की रक्षा करते है।
..समाप्त…..
(पाठक इस लेख में लिखित तथ्यों को अपने मनोभावों के अनुसार ग्रहण करें)
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