Somnath Swabhiman Parv: सोमनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक भव्य मंदिर है। मान्यता है कि राजा दक्ष के श्राप से बचने के लिये चंद्रदेव ने इस मंदिर में घोर तपस्या की तब भगवान शिव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुये और उन्हें श्राप से मुक्त करने के उपरांत इसी मंदिर में स्थापित हो गये। तभी से यह मंदिर सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के नाम से प्रसिद्ध हो गया। यह बेहद प्राचीन मंदिर गुजरात के वेरावल जिले में सागर के किनारे भव्य रुप में स्थित है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से स्थापित प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है।

बार-बार नष्ट होने के बाद पुनः निर्मित होता है, मंदिर
पौराणिक कथाओं के अनुसार सोमनाथ मंदिर को चंद्रदेव ने सोने से बनवाया था और बाद में रावण ने इसे चांदी का बनवा दिया और फिर जगतविधाता श्रीकृष्ण ने इस मंदिर का निर्माण चदंन से करवाया था। इस मंदिर के विषय में यह भी कहा जाता है कि श्री कृष्ण ने सोमनाथ मंदिर में अपनी देह का त्याग किया था। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मंदिर बार- बार नष्ट होने के उपरांत पुनः निर्मित होता है। 17 बार आक्रमण किये जाने के बाद भी यह मंदिर अपने भव्य रुप में आज भी स्थापित है।
2026 में मंदिर पर पहले आक्रमण के हुये 1000 वर्ष
1026 में सोमनाथ पर पहला हमला महमूद गजनवी ने किया जिससे मंदिर की भारी क्षति हुई थी। 2026 में इस आक्रमण के 1000 वर्ष बीतने एंव आजादी के बाद 1951 में सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा पुनः निर्माण कार्य कराये जाने के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 8 मई से 11 मई तक ‘ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन किया गया। इसमें धर्म और संस्कृति ध्यान का केन्द्र रहा। इस भव्य अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मंदिर की समृद्धशाली विरासत की सरहाना करते हुये इसके वैभव और गौरवशाली इतिहास को याद किया गया।

इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि सोमनाथ मंदिर का यह आयोजन केवल धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन नही बल्कि यह पुर्नजागरण का उत्सव है। इस मंदिर को पत्थर का ढांचा समझ कर आक्रमण करने वाले भारत की आत्मा को नहीं समझ सके कि भारत को कोई झुका नही सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ ने अपने वक्तव्य में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सनातन धर्म से जुड़े तीर्थ स्थल अपने वैभव को पुनः प्राप्त कर रहे है। यह हमारे देश के लिये बेहद गौरव की बात है।
..समाप्त…….
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