Ketan Agarwal Case: प्रेम, भावना, विश्वास, बुद्धिमत्ता, संस्कार, सभी भावों को समझदारी से प्रकट करने के साथ निभाने की क्षमता और सभ्य समाज में रहने की कला ईश्वर ने सिर्फ मानव जाति को प्रदान की है। लेकिन कलयुगी दौर में लोग इन सभी इन्सानी प्रवृतियों को त्याग कर न जाने कौन सी खुशियों की तलाश में निकल रहे है। यह विषय बेहद ह्दय विदारक बनता जा रहा है। कुछ ही महीनों में देश भर में ऐसी कई घटनायें सामने आयी है।
जिसमें प्रेमिकायें अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर रही है। अपने बच्चों की परवाह न करते हुये उन्हें भी रास्ते से हटाने पीछे नहीं हट रही है। और ऐसे ही कई मामले पुरुष समाज में भी देखने को मिलते रहते है। जो सभ्य समाज, कानून और इंसानियत के खिलाफ है।
केतन अग्रवाल केस बेहद पेचिदा
आज से 12 दिन पहले 18 जून को केतन अग्रवाल मर्डर केस तो बेहद पेचिदा बन गया है। जिसमें सिया गोयल खुशी-खुशी केतन अग्रवाल से सगाई करती दिखाई दे रही है। और उनके चेहरे के हाव भाव से तो कतई इस बात का अंदाजा नही लगाया जा सकता कि उनकी सगाई या शादी जबरदस्ती हो रही है या उसकी पंसद के खिलाफ है। और फिर यह घटना कि सगाई के बाद सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी के साथ मिलकर लोहगढ़ किले से केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया।
केतन के परिवार बेहद दर्दनाक वाकया है। जो परिवार अपने बेटे काबिल बनाने के बाद उसकी शादी की तैयारियों में जुटा हो उस परिवार को ये पता चले कि जिस लड़की से उनके बेटे की शादी होने वाली थी उसी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उनके बेटे को खाई में धक्का दे दिया ये सब बर्दाश्त करना केतन के परिजनों के लिये बेहद पीड़ादायक है।

इसमें गलती किसकी है, संस्कारों की इंसानी भाव के अभाव की या फिर इस कलयुगी दौर की। जिसमें लोग किसी की जिदंगी और खुशियों को छीन कर अपने सुख और व्यवस्थित जीवन की कल्पना कर लेते है। ऐसे गुनाहों के बाद कोई भी इंसान जीवन के किसी भी पड़ाव में क्षणिक भर भी प्रेम और खुशी की अनुभूति नही कर सकता है। और न मानवीय समाज में सम्मान प्राप्त कर पाता है।
Gen Z जनरेशन के माता पिता बच्चों के विचारों पर दे, ध्यान
प्रेमभाव ईश्वरीय वरदान है, ह्दय पवित्र है तो इंसान ईश्वर को भी अपनी भावनाओं से बांध सकता है। लेकिन आज के दौर में लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर प्रेम की पवित्रता को कलंकिंत करते नजर आ रहे है। यदि सिया गोयल चेतन बाबूलाल चौधरी के साथ खुश थी तो उसको अपनी खुशियों को प्राथमिकता देते हुये। सबका त्याग करके चेतन के साथ चले जाना चाहिये था। इसमें केतन का मर्डर और उसे हादसे का नाम देना इंसानियत और विश्वास पर घातक प्रहार है। जिससे पूरा जीवन दोनों के परिजन उबर नही सकते। इसलिये आज की Gen Z जनरेशन के माता पिता को अपने बच्चों के विचारों पर ध्यान देना बेहद जरुरी हो गया है।
आखिरकर केतन को भी जीने का अधिकार था। वह भी अपने अच्छे भविष्य के लिये सपने देख रहा था। सिर्फ इस बात पर उसकी जान ले लेना कि उसके सिर पर बाल नही थे। जैसा कि सिया गोयल ने अपने बयानों में पुलिस को बताया कि केतन सिर पर विग लगाता था। जिसके कारण वह केतन को पंसद नही करती थी। इससे तो साफ जाहिर होता है कि चेतन से प्रेम में भी वह स्वंय को धोखा ही दे रही थी।
अशिक्षित होना भी है, ऐसी घटनाओं की बड़ी वजह
अब जब चेतन और सिया पुलिस हिरासत में है तो दोनों ही स्वंय को निर्दोष बता कर अपने-अपने गुनाहों को एक दूसरे के मत्थे मढ़ते जा रहे है। क्या ये प्रेम कि परिभाषा है? जिसके लिये केतन जैसे निर्दोष होनहार कामयाब बिजनेसमैन की जिदंगी बलि चढ़ा दी गयी।इसमें दोनों का शिक्षित न होना भी एक बड़ा कारण मान सकते है प्राप्त जानकारी के अनुसार सिया गोयल 12वीं फेल है और चेतन बाबूलाल चौधरी की किराने की दुकान थी। जिससे यह साफ पता चलता है कि अशिक्षा इंसान की सोचने समझने की क्षमता को ही समाप्त कर देती है।
शायद चेतन और सिया जैसे कई लोग जो इस तरह की घटना को अंजाम देते समय यह भूल जाते है, कि कानून के हाथ बहुत लम्बे है इस तरह के गुनाह करके कोई भी कानून से बच नहीं सकता है। और यदि किसी अन्य तरीके से बच भी जाते है, तो वह इस मानवरुपी समाज में अपनी खुशियों और व्यवस्थित जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते है।
…समाप्त…..
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