Close Menu
anantpratigyakhabar.com
    What's Hot

    आदि से अनन्त है, पत्रकारिता का अस्तित्व

    May 31, 2026

    हिन्दी पत्रकारिता के 200 पूर्ण होने पर सीएसजेएमयू में “गौरव गाथा” का विमोचन

    May 30, 2026

    UP News:बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत

    May 30, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • आदि से अनन्त है, पत्रकारिता का अस्तित्व
    • हिन्दी पत्रकारिता के 200 पूर्ण होने पर सीएसजेएमयू में “गौरव गाथा” का विमोचन
    • UP News:बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत
    • हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिहं की अग्रिम जमानत की रद्द
    • तमिलनाडु के सीएम ने की पीएम मोदी से मुलाकात
    • गर्मी में शिफॉन फैब्रिक देता है, चार्मिंग और गॉर्जियस लुक
    • Weather News: भीषण गर्मी के बाद आंधी तूफान का अलर्ट जारी
    • Kanpur News: बाइक भिड़ंत का विवाद और सड़क पर कत्ल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    anantpratigyakhabar.comanantpratigyakhabar.com
    Magazine
    Monday, June 1
    • Home
    • देश
    • मनोरंजन
    • धर्म और अध्यात्म
    • स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल
    • राजनीति
    • खेल अपडेट
    • नई खबरें
    • और खबरें
    • Web Stories
    anantpratigyakhabar.com
    Home » आदि से अनन्त है, पत्रकारिता का अस्तित्व

    आदि से अनन्त है, पत्रकारिता का अस्तित्व

    The existence of journalism is eternal from the beginning
    Preeti RathoreBy Preeti RathoreMay 31, 2026Updated:May 31, 2026 Magazine No Comments7 Mins Read
    Magazine....
    Magazine....
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Journalism: हिन्दी पत्रकारिता ने 30 मई 2026 को अपने 200 वर्ष पूर्ण कर लिये है। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में कई उतार चढ़ाव देखने के बाद हिन्दी पत्रकारिता का दौर शिखर पर पहुँच चुका है। संस्कृत से उपजी हिन्दी भाषा पाँच प्रमुख उपभाषाओं का समूह है ये उपभाषायें ग्यारह स्वर और अठारह बोलियों के अन्तर्गत आती है।

    पूर्वी हिन्दी में अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी बोलियाँ बोली जाती है जबकि खड़ी बोली, ब्रज, कन्नौजी, बुदेंली और बांगरु पश्चिमी उपभाषा की बोलियाँ शामिल है। मैथली, भोजपुरी, मगही बोली बिहारी हिन्दी और गढ़वाली, कुमाऊँनी पहाड़ी हिन्दी उपभाषा की बोली है। मारवाड़ी, मेवानी, मालवी जयपुरी ये सभी राजस्थानी उपभाषा की बोलियाँ जो राजस्थान से सबंधित जिलों में प्रयोग में लायी जाती है। हिन्दी का सम्बंध हिंद (भारत) से है। भारतेन्दु हरिशचन्द्र को आधुनिक हिन्दी के जनक के रुप में जाना जाता है।

    देवर्षि नारद

    देवर्षि नारद

    पत्रकारिता मात्र एक सूचना प्रसारण का साधन नही है अपितु यह संपूर्ण विश्व को सत्यता, निष्पक्षता और स्पष्टता को स्वंय में समाहित करने वाला शब्दों का समुद्र रुपी भण्डार है। जिसकी गहराई को मापने के लिये सत्य और तथ्य को समझना बेहद जरुरी है।

    संपूर्ण ब्रह्मांड के प्रथम पत्रकार थे नारद मुनि

    संसारिक काल से पहले संपूर्ण ब्रह्मांड के पत्रकार नारद मुनि माने जाते थे। जो देवी देवताओं की सूचनाओं को तीनों लोको में विचरण करके एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रसारित किया करते थे। इसके उपरांत पत्थरों पर लिख कर सूचनाओं को प्रसारित करने का दौर शुरु हुआ। जिसके बाद भाषाओं ने रफ्तार पकड़ी और कबूतरों के द्वारा पत्राचार सभंव हुआ। आधुनिक पत्रकारिता के शुरुआती दौर में विश्व का पहला समाचार पत्र “रिलेशन” जोहान कैरोलस द्वारा 1605 में जर्मनी से प्रकाशित किया गया।

    भारत का पहला समाचार पत्र था, हिक्की गजट

    29 जनवरी 1780 में जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने देश के पहले समाचार पत्र बंगाल गजट का प्रकाशन बंगाली भाषा में किया इसके बाद इस समाचार पत्र का प्रकाशन अंग्रेजी भाषा में भी होने लगा था।

    हिन्दी का पहला समाचार पत्र “उदन्त मार्तण्ड” जिसका अर्थ है (उगता हुआ सूर्य) को प्रकाशित हिन्दी पत्रकारिता के जगत में नीवं के पत्थर का कार्य किया था। इसके बाद हिन्दी पत्रकारिता की बाढ़ आ गई। बंगदूत(1829), बनारस अखबार(1845), हिंदी प्रदीप(1877),  भारत जीवन (1884), हिंदी बंगवासी(1890) में प्रकाशित समाचार पत्रों ने हिन्दी पत्रकारिता जगत में क्रान्ति लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हिन्दी का पहले समाचार पत्र “उदन्त मार्तण्ड” के प्रकाशन की तिथि के अवसर को पूरे देश में पत्रकारिता दिवस के रुप में मनाया जाने लगा।

    स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिये पथ प्रदर्शक थी, पत्रकारिता

    देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुये पत्रकारिता ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिये पथ प्रदर्शक का कार्य किया। भारत के संविधान रचायिता डॉ0 भीमराव अम्बेडकर द्वारा संपादित समाचार पत्र मूकनायक और बहिष्कृत भारत दलितों को उनके सामाजिक, राजनीतिक अधिकारों से परिचित करवाया। जनता समाचार पत्र में अम्बेडकर के स्वतंत्रता संग्राम से सबंधित लेख प्रकाशित होते थे। प्रेस की स्वतंत्रता को प्रभावित करने और समाचार प्रकाशन को रोकने के लिये ब्रिटिश शासन ने समय-समय पर सेंसरशिप अधिनियमों को लागू करके प्रेस की आजादी पर प्रहार किया।

    लार्ड वेलेजली ने लगाया था, पहला सेंसरशिप अधिनियम

    प्रेस की आजादी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सर्वप्रथम 1799 को गर्वनर जनरल लॉर्ड वेलेजली द्वारा सेंसरशिप अधिनियम लगाया गया जिसके तहत रविवार को समाचार पत्रों को प्रकाशित करने पर मनाही थी और गर्वनर के द्वारा समाचार पत्र के निरीक्षण के बाद ही समाचार पत्र को प्रकाशित करने का नियम लागू किया गया था।

    1878 का वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट ने अग्रेंजी भाषा के अतिरिक्त अन्य भाषाओं के समाचार को प्रकाशित करने पर रोक लगा दी गयी ताकि अग्रेंजी सरकार की बेबुनियादी नीतियां को आम जनता की समझ से परे रहे।

    प्रेस की आजादी के लिये हुआ, प्रेस परिषद का गठन

    ब्रिटिश शासन द्वारा 1910 के अधिनियम में सरकार विरोधी नीतियों के विरुद्ध प्रकाशित होने वाले साहित्यों और खबरों पर रोक लगा दी गई और अग्रेंजी सरकार विरोधी नीतियों से सबंधित प्रकाशित सामग्री को जब्त करने के निर्देश दे दिये गये थे। इन अधिनियमों से प्रेस को आजाद करने लिये आजादी के बाद प्रेस की स्वतंत्रता को कायम रखने के उद्देश्य से भारतीय प्रेस परिषद का गठन किया गया। जिसका कार्य भारतीय प्रेस के स्वतंत्रता और समाचार समितियों के मानकों को बनाये रखने के लिये उनके हितो को ध्यान में रखते हुये नियम बनाना था।

    देश का शक्तिशाली चौथा स्तंभ है, प्रेस

    कार्यपालिका कानूनों को लागू करने और सरकार के दैनिक मामलों का प्रबंधन करने के साथ नीतियों को तैयार करती है। न्यायपालिका कानूनों की व्याख्या, विवादों का निपटारा, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, विधायिका और कार्यपालिका पर अंकुश सहित कानूनों का पालन करवाने का कार्य करती है।

    देश की चौथे स्तम्भ यानि लोकतंत्र का आधार प्रेस जो देश की जनता को निर्णय लेने, सार्वजनिक बहस में भाग लेने, सरकार और अन्य शक्तिशाली संस्थानों को जवाबदेह ठहराने के साथ ही देश के नागरिकों को सूचना का अधिकार प्रदान कराने के उद्देश्य से  अनुच्छेद 19(1)(a) से परिचित कराती है। अगर इन चारों स्तम्भ में एक भी स्तम्भ कमजोर पड़ता है तो देश नींव डगमगाने लगती है।

    गाँधी जी ने देश की आजादी के लिये पत्रकारिता को बनाया था, शक्तिशाली माध्यम

    देश की आजादी का प्रण लेने वाले महात्मा गाँधी ऐसे पत्रकार थे जिन्होंने देश का चौथा स्तम्भ कहे जाने वाले प्रेस को देश की आजादी के लिये शक्तिशाली साधन के रुप में इस्तेमाल किया। गाँधी जी के संपादन में प्रकाशित इण्डिया ओपिनियन, यंग इण्डिया, नवजीवन और हरिजन जैसे समाचार पत्रों ने स्वतंत्रता संग्राम और समाजिक सुधारों के प्रयासों को सफल बनाने में नींव का पत्थर कार्य किया और ब्रिटिश सरकार की बेबुनियादी नितियों के पैरों तले से जमीन को खींच लिया।

    गाँधी जी ने पत्रकारिता के द्वारा अपने विचारों को जनता तक पहुँचाया और देश के नागरिकों में सत्य, अहिंसा, नैतिकता, आत्मनियंत्रण, आत्मानुशासन की भावना को भरने के साथ ही जनता को एकजुट और शिक्षित करने का कार्य किया।   

    पत्रकारिता से ब्रिटिश सरकार के काले कारनामों की उड़ी थी, छज्जियां

    बाल गंगाधर तिलक, मदन मोहन मालवीय, मोती लाल घोष. गणेश शंकर विधार्थी के समाचार पत्रों ने अपने प्रकाशित लेखों और संपादकीय से जनता को उनकी भाषा में उनके अधिकारों से अवगत कराते हुये देशभक्ति की भावना को जगाया। जिससे ब्रिटिश सरकार के काले कारनामों उजागर हो गये और उनकी बेबुनियादी नीतियों की धज्जियां उड़ गयी। इस तरह पत्रकारिता ने भारत की आजादी में रीढ़ बनकर देश को आजाद करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

    पत्रकारिता कला के साथ है, व्यवसाय

    पत्रकारिता समाचारों, विचारों सूचनाओं और विभिन्न प्रकार की घटनाओं के संकलन के बाद उनका संपादन करके उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रिंट माध्यम समाचार पत्र, पत्रिकाओं और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम रेडियो, टेलीविजन के अलावा डिजिटल माध्यमों द्वारा वेब पत्रकारिता और सोशल मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित करने की एक कला के साथ व्यवसाय भी है। संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका के बाद लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रुप में पत्रकारिता को सूचना प्रसारण के एक शक्तिशाली माध्यम के रुप में जाना जाता है।

    जनमत विस्तारण में पत्रकारिता का विशेष योगदान

    पत्रकारिता का जनता को जागरुक करने के साथ जनमत विस्तारण में भी विशेष योगदन है। यह जनता की आवाज को प्रमुखता के साथ शासन प्रशासन तक पहुँचाने की क्षमता रखती है। इसके बगैर राष्ट्र के किसी भी संस्थान को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किये जाने की कल्पना करना असंभव सा प्रतीत होता है। पत्रकारिता जनता के हितों को ध्यान में रखते हुये प्रत्येक घटना दुर्घटना पर अपनी पैनी नजर से सच्चाई को देखकर जनमानस को उस सच्चाई से अवगत कराने में मह्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    सत्यता और निष्पक्षता पर आधारित है, पत्रकारिता

    पत्रकारिता की दृष्टि से खोजी पत्रकारिता को विशेष महत्व दिया गया है। खोजी पत्रकारिता छिपे हुये तथ्यों और घोटालों का भांडा फोड़ कर सच्चाई से आम जनता को अवगत कराती है। प्रिंट माध्यम हो या इलेक्ट्रॉनिक या फिर वेब पत्रकारिता सभी प्रकार की पत्रकारिता में सत्यता, निष्पक्षता, संक्षिप्तता और स्पष्टता जैसे सिद्धातों को विशेष महत्व दिया जाता है। इन सिद्धातों के बिना पत्रकारिता उद्देश्यहीनता की श्रेणी में विचरण करने लगती है। इस सिद्धातों पर आधारित पत्रकारिता युगों युगों तक अपने अस्तित्व को कायम रखने में सफल रहती है।

    ….समाप्त………..   

    India Journalism Magazine UP
    Preeti Rathore
    • Website

    पिछले 14 वर्षो से पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़ी हूँ। समाचार लेखन, विज्ञापन स्क्रिप्ट लेखन, आध्यात्मिक लेख लिखने के अलावा पत्रकारिता के शिक्षक के रुप में कार्य किया है। मैनें सीएसजेएमयू कानपुर से एम.जे.एम.सी, एम.एस.सी, बी.एड, एल.एल.बी,अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र हिन्दी विषय में परस्नातक एंव राजर्षि टण्डन मुक्त वि.वि. से पीजीडीएमएम की डिग्री प्राप्त की है। मैं अपनी वेबसाइट (Anantpratigya खबर) में पाठक वर्ग को सत्य और स्पष्ट जानकारी से सबंधित खबरें देने हेतु प्रयासरत् रहूँगीं।

    Keep Reading

    हिन्दी पत्रकारिता के 200 पूर्ण होने पर सीएसजेएमयू में “गौरव गाथा” का विमोचन

    UP News:बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत

    हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिहं की अग्रिम जमानत की रद्द

    तमिलनाडु के सीएम ने की पीएम मोदी से मुलाकात

    गर्मी में शिफॉन फैब्रिक देता है, चार्मिंग और गॉर्जियस लुक

    Weather News: भीषण गर्मी के बाद आंधी तूफान का अलर्ट जारी

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Editors Picks

    भारत, सिंगापुर में रगं गुलाल उड़ा कर, काठमांडू में खंभा लगाकर मनायी गयी होली

    March 5, 2026

    आत्मा के कारक नौ ग्रह के राजा है, सूर्यदेवः

    January 20, 2026

    Indian Food: भारतीय व्यंजन की है, बात निराली

    April 18, 2026

    भोलेनाथ गोपी बनकर पहुँचें श्रीकृष्ण और गोपियन संग होली खेलन

    February 28, 2026
    Latest Posts

    हिन्दी पत्रकारिता के 200 पूर्ण होने पर सीएसजेएमयू में “गौरव गाथा” का विमोचन

    May 30, 2026

    Subscribe to News

    Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

    Advertisement
    Demo
    Smart Investing: A Beginner’s Guide to Growing Your Money Wisely
    Facebook Instagram
    © 2026 Anantpratigyakhabar. Designed by FutureZenGroup.
    • About Us
    • Privacy
    • Terms
    • Cookie
    • Contact Us
    • Copyright

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.