- Guru Purnima 2026: गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः
- UP Weather: कानपुर समेत कई शहरों में दिन में धूप शाम को बारिश
- Missile Man APJ Abdul Kalam: सपने वे होते है, जो हमें नींद नहीं आने देते
- Kargil Vijay Diwas: सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना जोर कितना बाजू-ए-कातिल में है
- Gen-Z Jantar-Mantar: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रल्ह्राद जोशी बने शिक्षामंत्री
- CJP Protest: सीजेपी प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यालय को घेरा
- Hibiscus Rosa-Sinensis:ऊर्जा, सौंदर्य और औषधि का संगम है, गुड़हल
- Sawan 2026: रेलवे स्टेशन और कांवड़ मार्गो पर नॉन-वेज बिक्री पर रोक
Author: Preeti Rathore
पिछले 14 वर्षो से पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़ी हूँ। समाचार लेखन, विज्ञापन स्क्रिप्ट लेखन, आध्यात्मिक लेख लिखने के अलावा पत्रकारिता के शिक्षक के रुप में कार्य किया है। मैनें सीएसजेएमयू कानपुर से एम.जे.एम.सी, एम.एस.सी, बी.एड, एल.एल.बी,अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र हिन्दी विषय में परस्नातक एंव राजर्षि टण्डन मुक्त वि.वि. से पीजीडीएमएम की डिग्री प्राप्त की है। मैं अपनी वेबसाइट (Anantpratigya खबर) में पाठक वर्ग को सत्य और स्पष्ट जानकारी से सबंधित खबरें देने हेतु प्रयासरत् रहूँगीं।
Kanpur News: दिनांक 4 अप्रैल दिन शनिवार को जुहारी देवी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के सचिव श्री आशीष सिंह चौहान जी के सानिध्य में प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय कानपुर और कॉलेज के तत्वाधान में वृहद रोजगार मेले का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि कानपुर गोविन्द नगर क्षेत्र के विधायक मा0 सुरेन्द्र मैथानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। छात्राओं ने सरस्वती जी की वदंना से कार्यक्रम कि शुरुआत की। इस वृहद रोजगार मेले में 10 वीं से लेकर स्नातक तक की छात्राओं के अलावा जॉब सीकर्स ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। इसमें प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी के लिये 517…
Rojgar Mela2026 : कंपटीशन के दौर में युवाओं को उनकी शिक्षा के मुताबिक नौकरी पाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। इसलिये मनचाही नौकरी पाने के लिये विद्यार्थी वर्ग को अपनी योग्यता को ध्यान में रखते हुये रोजगार मेले में पंजीयन करवाना बेहद जरुरी है। ताकि वह अपनी योग्यता और मंनपसंद सैलेरी की बेहतर नौकरी प्राप्त कर सके। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुये महाविद्यालय के सचिव श्री आशीष सिंह चौहान जी के सानिध्य में प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय जीटी रोड, कानपुर और जुहारी देवी गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज केनाल रोड, कानपुर के तत्वाधान में 4 अप्रैल दिन शनिवार…
Hanuman Jayanti 2026: सियाराम के प्रिय परमभक्त अंजनी के लाला कलयुग के देवता हनुमान जी प्रभु श्रीराम के परम भक्त है। दिनांक 2 अप्रैल दिन गुरुवार को हनुमान जी के जन्म उत्सव को संपूर्ण हिन्दू धर्म में धूमधाम से मनाया गया। माना जाता है कि आज के ही दिन चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी जन्में थे।कष्ट हरने वाले हनुमान है, संकटमोचनसाहस सफलता के देवता हनुमान जी की जयन्ती के अवसर पर को जगह- जगह मंदिरों में सुदंरकाण्ड और हनुमान चालीसा पाठ के साथ विधि विधान से पूजा अर्चना की गयी। शहर कानपुर के श्रीराधाकृष्ण मंदिर कमला नगर…
Csjmu Kanpur: आज के दौर में डिजिटलीकरण के बढ़ने से विद्यार्थियों को तकनीकी रुप से सेल्फडिपेंड होना बेहद जरुरी हो गया है। जिसको ध्यान में रखते हुये छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कम्प्यूटर एप्लीकेशन विभाग ने दुनिया के प्रथम सरस एआई इंस्टीट्यूट के साथ Mou साइन किया है। सरस एआई देश का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित उच्च शिक्षण संस्थान है। यह देश में बेरोजगार युवाओं को एआई के क्षेत्र में शिक्षित कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाता है।अब यह संस्थान सीएसजेएमयू में विद्यार्थियों के लिये प्रगति के मार्ग को प्रशस्त करने के उद्देश्य से नये अवसर प्रदान…
APPLE: सेब देखने में साधारण दिखने वाला फल है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिये बेहद लाभदायक है। सेब की प्रजातियों की बात की जाय तो यह लाल, हरे, हल्के पीले सफेद रंग के अलग-अलग स्वाद में पाये जाते है। इसमें रेड डिलीशियस गहरे लाल रंग और मिठास में सबसे ज्यादा जूसी सेब गाला है। जबकि हल्के हरे रंग का सेब ग्रैनी स्मिथ अपने खट्टे स्वाद के लिये जाना जाता है। इसके अलावा मीठा क्रंची फूजी, नरम मीठा गोल्डन डिलीशियस, गुलाबी सफेद रंग लिये हल्का खट्टा मीठा पिकं लेडी सेब स्वादिष्ट सेबों की श्रेणी में आते है।सेब में मौजूद विटामिन और…
Shrimad Bhagavad Geeta: सत्य और न्याय का युद्ध महाभारत सिहासंन के लिये 18 दिनों तक लड़ा गया 100 कौरवों और पाँच पाण्डंवों का यह युद्ध वैदिक सभ्यता का सबसे बड़ा महायुद्ध माना गया। और इसी युद्ध से वैदिक सभ्यता का अंत हो गया था। महर्षि वेदव्यास ने इसका वर्णन अपने महाकाव्य महाभारत में किया है। इसी युद्ध में कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को श्रीकृष्ण के उपदेशों का वर्णन महाकाव्यों में से एक श्रीमद्भगवद् गीता में किया गया है। गीता में ज्ञान और बुद्धि के भण्डार के साथ श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों के साथ धर्म और अर्थ…
Chaitra Shukl Navami 2026 : ‘जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है, अभी जी भर के देखा नही है’ और ‘जब से लिया है नाम तेरा, जुड़ गये तार से तार’ दिनांक 27 मार्च दिन शुक्रवार को चैत्र शुक्ल नवमी (रामनवमी) के पावन पर्व संपूर्ण देश में धूमधाम से मनाया गया । कानपुर शहर में कामला नगर स्थित जे.के. मंदिर परिसर प्रभु श्रीराम और श्रीराधा कृष्ण के भजनों से गूंज उठा।यहाँ रामनवमी के अवसर पर दोपहर के समय शहरवासियों के लिये कार्यक्रम अन्नदान का आयोजन किया गया।जिसके उपरान्त सायंकाल के समय भक्तिपूर्ण वातावरण में भक्तों ने भगवान की सवारी में…
Chaitra Shukl Navami 2026: मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के पृथ्वीलोक पर अयोध्या में राजा दशरथ के यहाँ प्रकट्य होने की तिथि चैत्र शुक्ल नवमी को हिन्दू धर्म में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भक्तगण उपवास रखकर रमायण, रामचरित्र मानस एंव सुंदरकाण्ड पाठ के साथ विधि विधान से हवन पूजन करते है, और प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त कर जीवन में सुख समृद्धि आगमन हेतु कामना करते है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गंगा के किनारे बसे कानपुर शहर से श्रीराम और माता सीता का गहरा नाता रहा है। माना जाता है कि अयोध्या त्यागने के बाद माता सीता बिठूर…
Chaitra Maha Ashtami 2026: 9 दिनों की चैत्र नवरात्री में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी और कालरात्री के पूजन के बाद आठवें दिन महागौरी को पूजा जाता है। मान्यता है कि माता सती ने जब भगवान शिव का अपमान अपने पिता द्वारा बर्दाश्त न किये जाने के कारण पिता राजा दक्ष के यज्ञ की अग्नि में अपने प्राणों की आहूति दे दी थी। जिसके बाद अपना दूसरा जन्म पर्वतराज हिमालय और मैना की पुत्री पार्वती रुप में लिया और भगवान शिव को वर रुप में प्राप्त करने के लिये वनों में घोर तपस्या की।पौराणिक कथाओं के अनुसार पार्वती जी…
Chaitra Navratri 2026: नवरात्री के सातवें दिन माँ कालरात्री की पूजा की जाती है, माँ दुर्गा का सातवां रुप दुखों और दैत्यों का नाश करने वाला अपने भक्तों की रक्षक माँ कालरात्री का रुप अत्यंत विकराल है। माता काली और कालरात्री देवी दोनों अलग- अलग रुप है। महाकाली देवी पार्वती जी के उग्र रुप माता कौशिकी के क्रोध से चण्ड मुण्ड के वध करने के लिये प्रकट हुई थी। जब चण्ड मुण्ड राक्षस ने माता कौशिकी का वध करना चाहा तब उन्होंने अपनी भौहों से महाकाली को प्रकट किया था। महाकाली चण्ड मुण्ड का वध कर चामुंडा बनी और चण्ड…
