Author: Preeti Rathore

पिछले 14 वर्षो से पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़ी हूँ। समाचार लेखन, विज्ञापन स्क्रिप्ट लेखन, आध्यात्मिक लेख लिखने के अलावा पत्रकारिता के शिक्षक के रुप में कार्य किया है। मैनें सीएसजेएमयू कानपुर से एम.जे.एम.सी, एम.एस.सी, बी.एड, एल.एल.बी,अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र हिन्दी विषय में परस्नातक एंव राजर्षि टण्डन मुक्त वि.वि. से पीजीडीएमएम की डिग्री प्राप्त की है। मैं अपनी वेबसाइट (Anantpratigya खबर) में पाठक वर्ग को सत्य और स्पष्ट जानकारी से सबंधित खबरें देने हेतु प्रयासरत् रहूँगीं।

Chaitra Maha Ashtami 2026: 9 दिनों की चैत्र नवरात्री में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी और कालरात्री के पूजन के बाद आठवें दिन महागौरी को पूजा जाता है। मान्यता है कि माता सती ने जब भगवान शिव का अपमान अपने पिता द्वारा बर्दाश्त न किये जाने के कारण पिता राजा दक्ष के यज्ञ की अग्नि में अपने प्राणों की आहूति दे दी थी। जिसके बाद अपना दूसरा जन्म पर्वतराज हिमालय और मैना की पुत्री पार्वती रुप में लिया और भगवान शिव को वर रुप में प्राप्त करने के लिये वनों में घोर तपस्या की।पौराणिक कथाओं के अनुसार पार्वती जी…

Read More

Chaitra Navratri 2026: नवरात्री के सातवें दिन माँ कालरात्री की पूजा की जाती है, माँ दुर्गा का सातवां रुप  दुखों और दैत्यों का नाश करने वाला अपने भक्तों की रक्षक माँ कालरात्री का रुप अत्यंत विकराल है। माता काली और कालरात्री देवी दोनों अलग- अलग रुप है।  महाकाली देवी पार्वती जी के उग्र रुप माता कौशिकी के क्रोध से चण्ड मुण्ड के वध करने के लिये प्रकट हुई थी। जब चण्ड मुण्ड राक्षस ने माता कौशिकी का वध करना चाहा तब उन्होंने अपनी भौहों से महाकाली को प्रकट किया था। महाकाली चण्ड मुण्ड का वध कर चामुंडा बनी और चण्ड…

Read More

Chaitra Navratri 2026: नवरात्री के छठें दिन माता दुर्गा के छठवें रुप माँ कत्यायनी की पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि देवी कत्यायनी असुरों का नाश करने के लिये महर्षि कत्यायन के तप से प्रकट हुई देवी है, इसीलिये इन्हें कत्यायनी कहा जाता है। चार भुजा धारी सिंह पर सवार माता अपनी भुजाओं में तलवार और कमल को सुशोभित किये हुये है। ऊर्जा और वीरता के प्रतीक लाल रंग के वस्त्र धारण किये माँ कत्यायनी अपने भक्तों के जीवन को साहस, सुख समृद्धि और यश से परिपूर्ण बनाती है। आज के दिन ज्ञान का प्रतीक येलो कलर, समानता…

Read More

Shaheed Diwas: हम रहे या न रहे, लेकिन देश आजाद रहे यह शब्द मात्र शब्द नही लगते है, यह देश की आजादी के लिये वीर क्रांतिकारियों के दिलों में उठने वाले तूफानों की कहानी बंया करते है। हमारे भारत देश को ब्रिटिश सत्ता से मुक्त करवाना इतना आसान नही था। इसकी आजादी के लिये क्रांतिकारियों ने अपने खून का कतरा कतरा निकाल कर सोने की चिड़ियाँ कहे जाने वाले देश को ब्रिटिश शासन से मुक्त करवाया। देश के निहत्ते क्रांतिकारियों को ब्रिटिश शासन ने अपनी हुकुमत और बेबुनियादी नीतियों से जकड़ने का भरसक प्रयास किया था। लेकिन उनके सभी प्रयास…

Read More

Chaitra Navratri 2026: दुर्गा माँ का चौथा स्वरुप माता कुष्मांडा का है। मोहिनी मुस्कान की देवी माता कुष्मांडा की पूजा सृष्टि रचनाकर्ता के रुप में  की जाती है। मान्यता है कि जब संपूर्ण ब्रह्मांड अंधकारमय हो गया था तब माता कुष्मांडा ने अपनी मधुर मुस्कान से स़ृष्टि में उजाला कर दिया था। इसलिये देवी को कुष्मांडा कहा जाता है, सूर्यलोक में निवास करने वाली देवी अपनी आठ भुजाओं में कमंडल, धनुषबाण, कमल, अम्रत का कलश, चक्र और गदा के जप माला धारण किये हुये है। पीले लाल वस्त्र धारण किये शेर पर सवार देवी कुष्मांडा को लाल, पीले फूल, दही,…

Read More

President Droupadi Murmu: श्रीकृष्ण जिसको बुलायें, वह नंगे पाँव दौड़ा चला आये, कुछ ऐसा ही ऐतिहासिक दौर भारत देश में पहली बार भक्ति और श्रद्धा का श्रीकृषण की नगरी मथुरा में दिनांक 21 मार्च दिन शनिवार को देखने को मिला है। जब देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कदम जगत विधाता श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा की पावन भूमि पर पड़े। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब  भारत देश  में किसी राष्ट्रपति नें  21 किलोमीटर की गोवर्धन परिक्रमा नंगे पाँव की है।बता दें कि भारत कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च से 21 मार्च तक तीन दिवसीय…

Read More

Chaitra Navratri 2026: नवरात्री के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। शत्रु संहारक और अपने भक्तों की रक्षक देवी चंद्रघंटा है। जब महिषासुर दानव का अत्याचार तीनों लोको में चरम पर व्याप्त था और वह अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुये देवी देवताओं को परेशान करके समस्त लोकों में अपना अधिपत्य स्थापित करने लगा था। जिससे त्रस्त होकर सभी देवी देवता अपनी रक्षा के लिये भगवान शिव की शरण में पहुँचें और उनसे  महिषासुर के वध के लिये प्रार्थना की तभी भगवान शिव ने देवी चंद्रघंटा को अवतरित किया और सभी देवी देवताओं ने अपनी शक्तियों से…

Read More

CM Yogi: दिनांक 19 मार्च दिन गुरुवार को चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस एवं नव संवत्सर विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ के अवसर पर श्री अयोध्या धाम स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पूज्य संतों की उपस्थिति में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने श्रीराम यंत्र की विधिवत प्रतिष्ठापना की तथा उपस्थित जनमानस को संबोधित किया। इस पावन अवसर पर माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल  के साथ मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्य नाथ भी उपस्थित रहे। यह दिव्य अनुष्ठान राष्ट्र की आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हुए लोकमंगल, सांस्कृतिक समृद्धि एवं सनातन मूल्यों के संवर्धन का प्रेरक आधार बनेगा। …समाप्त………

Read More

CSJMU KANPUR: कानपुर वि0वि0 में में होगा दो शताब्दियों के पत्रकारिता पर महासंवाद का आयोजन।  वि.वि कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक ने अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के पोस्टर का विमोचन ने किया इस संगोष्ठी में उदंत मार्तण्य से ए. आई तक का सफर पर वैश्विक मंथन किया जायेगा इसके साथ कानपुर से हिन्दी में प्रकाशित होने वाले प्रथम समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड के सफर से आज ए.आई युग में प्रवेश कर चुका है। इसी उपलक्ष्य में पत्रकारिता की विकास यात्रा के सफर में आने वाली चुनौतियों को मद्देनजर रखते हुये छत्रपतिशाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एंव जनसंचार विभाग 11 एंव 12 अप्रैल…

Read More

Chetra Navratri 2026: नवरात्री के  दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा की जाती है। यह सफेद वस्त्र धारण किये हुये अत्यंत सुन्दर रुप धरे हुये है। देवी ब्रह्मचारिणी को दूध, घी शक्कर पंचामृत, दही, शहद, मिलाकर भोग लगाकर विधिविधान से पूजा अर्चना करने से ज्ञान की देवी ब्रह्मचारिणी  माता की कृपा भक्तगणों को आपार खुशियों के भण्डार को भरती है। मां ब्रह्मचारिणी के हाथ  अष्टदल की माला तो दूसरे हाथ में कमंडल सुशोभित है। देवी का रूप अति सुंदर और सरल है। समाप्त………………

Read More